मैं बहुत डरी हुई हूं। मुझे बहुत बुरे बुरे सपने आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि अभी उन आरोपियों की भीड़ घर में घुस आएगी और हम पर हमला कर देगी। मेरा इतना स्पेशल दिन ऐसे खत्म होगा, नहीं सोचा था। एक अजीब सी दहशत दिल में घर कर गई है। यह कहना है सदर बाजार इलाके में 6 जनवरी की शाम रोडरेज की घटना का शिकार हुई पांच माह की गर्भवती श्रेया का। श्रेया उस दिन अपना और अपने पिता का जन्मदिन मनाकर पति दीपक के साथ ससुराल लौट रहीं थीं। बीच रास्ते में कुछ लोगों ने उनका ना केवल पीछा किया बल्कि उन पर हमला भी कर दिया। तीन दिन बाद भी वह डरी हैं। श्रेया कहती हैं- जो कुछ हुआ, उसके बाद इंसानियत से भरोसा उठता जा रहा है। आखिर कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। पहले देखे घटना के बाद की तीन तस्वीरें… अब जानते हैं श्रेया की जुबां से पूरी घटना शाम करीब सवा आठ बजे का समय था। मैं अपने पति दीपक के साथ मायके से ससुराल के लिए चल दी। कासमपुर फाटक के पास मोड़ पर अचानक सामने से रान्ग साइड स्कूटी सवार अंकल आ गए। उनका हैंडल हमारी कार से टकरा गया लेकिन हम नजर अंदाज कर आगे बढ़ गए। करीब 500 मीटर आगे अचानक वह अंकल दोबारा उनकी कार के बराबर में आ गए और जबरन कार रुकवाने का प्रयास किया। तब पता चला कि वह पीछा कर रहे हैं। दीपक ने गाड़ी दौड़ा दी। औघड़नाथ मंदिर तक भी पीछा किया गया, जिसके बाद दीपक ने सुरक्षित स्थान मानते हुए अपने जानकार के होटल के बाहर कार रोक दी। कार के बराबर में आकर दी धमकी श्रेया बताती हैं कि अभी उन्होंने कार आकर रोकी ही थी कि पीछे से फिर दोबारा वह अंकल आ गए और स्कूटी उनकी कार के बराबर में रोककर बुरा भला कहने लगे। उन्होंने सीधे स्वभाव जवाब दिया और जानकार के होटल की लॉबी में जाकर खड़े हो गए। इसके चंद मिनट बाद ही एक के बाद एक काफी सारे युवक वहां पहुंच गए। उन्होंने आकर दीपक से मारपीट शुरु कर दी। एकसाथ कई लोगों ने दीपक को दबोच लिया। वह समझाने का प्रयास करती रही लेकिन आरोपी समझने को तैयार नहीं थे। थप्पड़-घूंसे के बाद पेट में मारी लात हंगामा खड़ा हो गया। वह अंकल व उनका बेटा अपने साथियों के साथ दीपक को पीट रहा था। वह अपनी व अपने बच्चे की जान की परवाह किए बिना बीच में घुस गई और दीपक को बचाने का प्रयास किया। हमलावर थप्पड़ मार रहे थे। घूंसे चला रहे थे। भद्दी भद्दी गालियां दे रहे थे। कुछ घूसे दीपक को लगे तो कई मुझे भी लग गए। इसी दौरान आरोपी रमनदीप ने पेट में लात मार दी। दीपक चिल्लाए- मेरी बीवी प्रेगनेंट है लेकिन किसी को तरस नहीं आया। मानों सिर पर खून ही सवार था। वारदात के बाद 24 घंटे नहीं सोई श्रेया कहती हैं कि मां बनने का एहसास जिंदगी का सबसे सुखद एहसास होता है। शादी के बाद वह बहुत खुश थी। अपने होने वाले बच्चे को लेकर तरह तरह के सपने बुन रही थी कि ना जाने किस की नजर लग गई। पेट में लात लगने के बाद दर्द से चिल्ला रही थी। हॉस्पिटल में बेबी की हार्टबीट नहीं मिल रही थी। पूरी रात जाग कर काट दी ताकि बेबी को कुछ ना हो जाए। गंदे गंदे ख्याल जहन में घूम रहे थे। उस पल को याद कर अब भी दिल सहम जाता है। शुक्र है भगवान ने सब संभाल लिया वरना एक साथ तीन खुशियों को ग्रहण लग जाता। आरोपियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा श्रेया सभी आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रही हैं। वह कहती हैं कि जो व्यक्ति यह नहीं समझ सकता कि कोई लड़की प्रेगनेंट है। उसका पति चिल्ला रहा है कि उसे मत मारों, उसके पेट में बच्चा है। फिर भी उसे पीटा जा रहा है। थप्पड़ और घूंसे मारे जा रहे हैं। वह यह भी कहती हैं कि अगर वह अपने पति को बचाने नहीं आतीं तो शायद हमलावर उनके पति के साथ कुछ भी गलत कर गुजरते। शायद उनकी जान भी ले लेते। वह सरकार से सवाल पूछ रही हैं कि क्या यही महिला सुरक्षा है?
दहशत में श्रेया, सपने में आ रहा वह डरावना मंजर:संकट में पति की ढाल बनने वाली श्रेया का इंटरव्यू, बोली- क्या यही है महिला सुरक्षा
📅 Published: January 9, 2026 |
📂 Category: India Up
