सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में जिले का 54वां स्थान:आबकारी, स्मार्ट सिटी और जनसुनवाई के मामलों ने बिगाड़ी रैंक की गणित

📅 Published: January 13, 2026 | 📂 Category: India Up

सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में जिले का प्रदेश में 54वां स्थान है। जिले ने दिसंबर की रिपोर्ट में 10 अंकों का सुधार करते हुए 8.49 अंक हासिल किए हैं। यह रैंक विकास एवं राजस्व कार्यों की सम्मिलित है। जारी रैंकिंग में राजस्व कार्यों की रैंक काफी चिंताजनक हैं। आबकारी राजस्व में जिला 83.90 प्रतिशत उपलब्धि साथ प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर है। वहीं, आवास विकास में 100 प्रतिशत उपलब्धि जिले ने पाई है। वहीं, लो रिस्क भवनों के मानचित्र स्वीकृति में 99.86 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ जिला प्रदेश में सबसे नीचे व लो रिस्क भवनों के मानचित्र स्वीकृति में 99.98 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ नीचे से दूसरा स्थान है। फूड, ड्रग व हाउस टैक्स कलेक्शन में बेहतर इसके अलावा खाद्य व औषधि प्रशासन के मामलों में जिले की स्थिति बेहतर है। औषधि विक्रय लाइसेंस व सैंपल लेने व कार्यवाही करने में कानपुर प्रदेश के टॉप 5 जिलों की सूची में शामिल है। वहीं, हाउस टैक्स व वाटर टैक्स कलेक्शन में 118.41 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ टॉप 5 जिलों में कानपुर शामिल रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन में 97.81 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिले ने बॉटम के टॉप 5 जिलों में अपना स्थान बनाया है। जनसुनवाई में बॉटम 05 इसके अलावा जनसुनवाई (आईजीआरएस) की बात करें तो जिला प्रदेश के बॉटम 05 जिलों में शामिल है। इस श्रेणी में 3159 मामले ऐसे सामने आए हैं, जिनमें असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ है। यह रिपोर्ट यह बताने के लिए काफी है कि जनसुनवाई में जिले की स्थिति बेहतर नहीं है। जबकि रामपुर, जालौन, पीलीभित, शाहजहांपुर और बरेली जैसे जिलों ने टॉप 05 में अपना स्थान बनाया है।

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