कपसाड़ केस पर बोले सपा नेता ‘यही है महिला सशक्तिकरण':बेटी उठा ली, मां की हत्या… बुलडोज़र कब चलेगा?’

📅 Published: January 9, 2026 | 📂 Category: India Up

मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं राजनीतिक दलों ने भी इसे कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला माना है। घटना के दो दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अपहृत बेटी रूबी की बरामदगी न होने पर स्थानीय लोगों में गहरी नाराज़गी है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। इसी बीच पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सपा नेता मुखिया गुर्जर ने सोमवार को कपसाड़ प्रकरण की कड़ी निंदा करते हुए यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा — यही है मोदी–योगी का महिला सशक्तिकरण? दिनदहाड़े बेटी उठाई जाती है और विरोध करने पर मां को मौत के घाट उतार दिया जाता है। दूसरे दिन तक भी पुलिस न बेटी को बरामद कर पाई और न ही हत्यारों को पकड़ सकी। उन्होंने सवाल उठाया की कपसाड़ में अपराधियों के घर कब चलेगा बुलडोज़र? क्या इन हत्यारों का एनकाउंटर भी हो पाएगा? उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और बलात्कार नई पहचान बनते जा रहे हैं। 50 लाख मुआवजा और एनकाउंटर की मांग गुर्जर ने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक और कानूनी मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने शासन–प्रशासन से मांग की कि मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और अपहृत बेटी रूबी को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए। उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि “ऐसे अपराधियों का एनकाउंटर किया जाना चाहिए।” सपा नेता ने यह भी कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने कार्रवाई में देरी की तो वे विरोध और आक्रोश प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा — यदि कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय प्रशासन हमारे विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहे। घटना पर पुलिस की ओर से अब तक कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। पुलिस टीमों की तलाश जारी है और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि अभी तक बेटी की लोकेशन और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। गांव में लोगों में गुस्सा है और स्थानीय संगठनों ने जल्द न्याय की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है और लोग प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।

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