सहारनपुर में चाइनीज मांझे से हो रही लगातार दुर्घटनाओं और जनहानि के मद्देनजर नारायणी सेना (ट्रस्ट) रजिस्टर्ड ने इस पर देशव्यापी पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी मनीष बंसल को सौंपा। संगठन ने चाइनीज मांझे को आम जनजीवन के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने इसके निर्माण, आयात, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। नारायणी सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि यह मांझा नायलॉन युक्त, अत्यंत धारदार और विद्युत चालक होता है। यह दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, पक्षियों और पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। देश के विभिन्न राज्यों में चाइनीज मांझे से गला कटने, गंभीर रूप से घायल होने और कई मामलों में मौत तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद बाजारों में चोरी-छिपे इसका कारोबार जारी है। संगठन का कहना है कि त्योहारों के दौरान पतंगबाजी के समय चाइनीज मांझे का उपयोग बढ़ जाता है, जिससे सड़कों पर चलने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। यह मांझा कई बार बिजली के तारों में फंसकर बड़े हादसों का कारण भी बनता है। इसके साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी घातक है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हो रही है। नारायणी सेना (ट्रस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण तेजस्वी ने कहा कि यदि समय रहते इस पर कठोर कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चाइनीस मांझे पर तत्काल और प्रभावी प्रतिबंध लगाने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और पारंपरिक सूती मांझे के उपयोग को प्रोत्साहित करने की भी मांग की। इस अवसर पर एडवोकेट सुमित चांदना, एडवोकेट शुभम शर्मा, गुरप्रीत सिंह ग्रोवर, डॉ. के.पी. सिंह, अश्वनी सुखीजा, शुभम गोयल, मोहित गावडी, अभिषेक बालियान, विश्वनाथ, अंकुश बजाज, अमित सेठी, अंकित शर्मा, शिवम, अमित चौधरी, दीपक चड्ढा, मोहित अहमदपुर, प्रेम मदान, आकाश चौधरी और आयुष राणा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
चाइनीज मांझे से दुर्घटनाएं, नारायणी सेना ने प्रतिबंध मांगा:सहारनपुर डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा
📅 Published: January 8, 2026 |
📂 Category: India Up
