उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड समेत चार राज्यों में ठगी का जाल बिछाने वाले ‘कैनविज’ कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी पर पुलिस का शिकंजा और कस गया है। शनिवार को बरेली के इज्जतनगर और कोतवाली थाने में गुलाटी के खिलाफ दो और मुकदमे दर्ज किए गए। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब आरोपी पर दर्ज मुकदमों की कुल संख्या 45 पहुंच गई है। हालांकि, लाखों परिवारों की खुशियाँ छीनने वाला यह महाठग अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। 4 राज्यों के लोगों को ठगा
कन्हैया गुलाटी और उसके गैंग ने केवल बरेली ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों बदायूं, पीलीभीत, रामपुर और लखीमपुर समेत बिहार-झारखंड के भोले-भाले निवेशकों को 5% मासिक ब्याज का लालच देकर करोड़ों की चपत लगाई है। पुलिस अब इस गैंग की हिस्ट्रीशीट खोलने और गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है। महिला से 13 और युवक से 42 लाख की ठगी
इज्जतनगर के सिद्धार्थनगर निवासी दिनेश कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपी देवेश सिंह और प्रमोद परिहार ने उन्हें कैनविज कंपनी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था। झांसे में आकर दिनेश और उनके दोस्तों ने कुल 42.25 लाख रुपये निवेश कर दिए। वहीं, कोतवाली क्षेत्र की पूनम अग्रवाल ने बताया कि आरोपी अनूप गुप्ता ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर उनसे और उनके परिजनों से 13.15 लाख रुपये निवेश कराए। दोनों ही मामलों में न तो ब्याज मिला और न ही मूलधन। रुपये मांगने पर जो चेक दिए गए, वे भी बैंक में बाउंस हो गए। पाकिस्तान से बरेली तक: फर्श से अर्श और फिर अपराध का सफर
कन्हैया गुलाटी का पारिवारिक इतिहास बंटवारे के दर्द से जुड़ा है। 1947 में उसका परिवार पाकिस्तान के बन्नू जिले से विस्थापित होकर भारत आया था। 1948 में बरेली बसने के बाद परिवार ने छोटे स्तर पर व्यापार शुरू किया। कन्हैया ने अपनी इसी ‘संघर्ष गाथा’ को सेमिनारों में ढाल बनाया। वह मंचों से खुद को जमीन से जुड़ा इंसान बताकर लोगों का भावनात्मक शोषण करता था। 2007 में उसने ‘कैनविज’ की नींव रखी और मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) के जरिए ठगी का साम्राज्य खड़ा कर दिया। LIC का फर्जी लोगो और क्रिप्टो का मायाजाल
जांच में खुलासा हुआ है कि गुलाटी ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए LIC जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम और लोगो का अवैध इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, 2018 में दिल्ली के अशोका होटल में ‘ड्रिबल’ नाम की क्रिप्टो करेंसी लॉन्च कर निवेशकों को 24 करोड़ के रिटर्न का सपना दिखाया। भव्य सेमिनार, चमकदार लाइटें और लग्जरी गाड़ियों का दिखावा कर उसने बेरोजगार युवाओं और किसानों की गाढ़ी कमाई लूट ली। कार दिलाने के नाम पर भी खेल, अब बैंक काट रहे पीड़ितों के चक्कर
कैनविज ने निवेशकों को लुभाने के लिए इंसेंटिव के रूप में कार दिलाने का लालच दिया। कंपनी ने दावा किया कि कार की किस्तें प्रॉफिट से भरी जाएंगी। अप्रैल 2025 में भुगतान बंद होने के बाद अब हालात ये हैं कि 70% निवेशकों की गाड़ियां बिक चुकी हैं और बैंक वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं। कई पीड़ित परिवार अब आत्महत्या की कगार पर पहुंच गए हैं। भाजपा और सपा नेता भी नहीं बचे, 42 गुर्गों पर FIR
ठगी की इस आग में सियासी चेहरे भी झुलसे हैं। भाजपा जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता से 13 लाख और सपा नेता विशाल अग्रवाल व उनके साथियों से करीब 2 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एसएसपी ने बारादरी थाना प्रभारी को वादी बनाकर 113 पीड़ितों की ओर से एक संयुक्त रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें कन्हैया की पत्नी राधिका, बेटे गोपाल और अन्य रिश्तेदारों समेत 42 लोगों को नामजद किया गया है। हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो SIT गठित की हैं। कन्हैया गुलाटी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वह विदेश न भाग सके। उसकी अवैध संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
– अनुराग आर्य, एसएसपी, बरेली
महाठग कन्हैया गुलाटी पर 2 और मुकदमे दर्ज:अब तक 20 लाख लोगों से 3 हजार करोड़ की ठगी, देश के 4 राज्यों में 45 मुकदमे दर्ज
📅 Published: January 11, 2026 |
📂 Category: India Up
