मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र में फतेउल्लापुर रोड स्थित न्यू इस्लामनगर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की कथित मिलीभगत से 40 बीघा कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। प्रॉपर्टी डीलर द्वारा बिना लैंडयूज बदले और एमडीए से नक्शा पास कराए बिना ही धड़ल्ले से मकानों का निर्माण शुरू करा दिया गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस पूरे अवैध निर्माण के पीछे एमडीए में तैनात एक जूनियर इंजीनियर की मजबूत ‘सेटिंग’ है। उसी की देखरेख में नियमों को ताक पर रखकर यह कॉलोनी विकसित की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि एमडीए के अधिकारी इस स्थिति से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग तीन महीने पहले इसी इलाके में एक अन्य अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई के दौरान बिजली कनेक्शन काटते समय एमडीए के एक कर्मचारी की दुखद मौत हो गई थी। उस समय प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किया था। अब वही एमडीए कर्मचारी नियमों के विपरीत जाकर नई अवैध कॉलोनी बसाने में कथित तौर पर मदद कर रहे हैं, जिससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी प्रॉपर्टी डीलर महताब मलिक स्वयं को भाजपा सरकार में प्रभावशाली बताता है। वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से संबंध होने का दावा कर अधिकारियों पर दबाव बनाता है। इसी राजनीतिक रसूख के दम पर वह खुलेआम अवैध निर्माण करवा रहा है। इस मामले में एमडीए के जोनल अधिकारी अर्पित यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे पूरे मामले में संदेह और गहरा गया है। यह स्थिति एमडीए की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े करती है। देखना होगा कि क्या प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारी अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे, या फिर कथित ‘सेटिंग’ के आगे कानून यूं ही कमजोर पड़ता रहेगा।
मेरठ में 40 बीघा कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी:एमडीए की मिलीभगत से नियमों की उड़ाई जा रही खुलेआम धज्जियां
📅 Published: January 9, 2026 |
📂 Category: India Up
