ललितपुर में 15 जनवरी तक ओवरब्रिज पूरा करने का निर्देश:डीएम-विधायक ने ओवरब्रिज, शहजाद नदी सेतु का निरीक्षण किया

📅 Published: January 11, 2026 | 📂 Category: India Up

ललितपुर में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने रविवार को नगर क्षेत्र में चल रही प्रमुख निर्माण परियोजनाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत एनएचएआई झांसी द्वारा निर्माणाधीन ओवरब्रिज से हुई। यहां अधिकारियों ने एनएचएआई झांसी को 15 जनवरी तक शेष सभी निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया। निर्देश में कहा गया कि कार्य को दिन-रात (24×7) शिफ्ट प्रणाली में कराया जाए। इसमें डेक स्लैब, एप्रोच रोड, रेलिंग, कैश बैरियर, सुरक्षा दीवारें, स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट लाइट, रोड मार्किंग, साइन बोर्ड, दिशा-सूचक संकेतक और वर्षा जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) के सभी कार्य मानक के अनुसार शीघ्र पूरे किए जाएं। इसके बाद, टीम सेतु निगम द्वारा शहरी क्षेत्र में बनाए जा रहे शहजाद नदी के दीर्घ सेतु पर पहुंची। यहां निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान सेतु निगम को शासन द्वारा स्वीकृत समय-सीमा के भीतर समस्त निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। सेतु निगम को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि निर्माण कार्य में प्रयुक्त सभी सामग्री आईएस और आईआरसी मानकों के अनुरूप हो। बरसात से पहले सेतु के पिलर, पाइल, बीम, डेक स्लैब और एप्रोच रोड का कार्य विशेष गुणवत्ता नियंत्रण के साथ पूरा किया जाए। सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण और अनुमोदन भी पूर्ण किए जाएं। कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए हेलमेट, जैकेट, सुरक्षा जूते जैसे उपकरण उपलब्ध कराने, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक लगाने तथा रात्रिकालीन कार्य हेतु पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए धूल, ध्वनि और निर्माण मलबे का नियमानुसार निस्तारण करने तथा जल निकासी व्यवस्था को तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ रखने के निर्देश भी दिए गए। अंत में, शहर के आजादपुरा में जल निगम (शहरी) द्वारा कराए जा रहे पाइप लाइन और सड़क पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जल निगम (शहरी) को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पाइप लाइन बिछाने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए 48 घंटे के भीतर अस्थायी मरम्मत एवं निर्धारित अवधि में स्थायी सड़क पुननिर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाए। खुदाई कार्य सीमित लंबाई में किया जाए, अन्य भूमिगत सेवाओं (बिजली, गैस, दूरसंचार) को क्षति न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग चेतावनी बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था एवं वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित किए जाए, कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध ब्लैक लिस्टिंग सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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