सुल्तानपुर राष्ट्रीय लोक अदालत में 52,342 मामले निपटाए गए:लाखों रुपये के समझौतों से विवादों का हुआ समाधान

📅 Published: December 13, 2025 | 📂 Category: India Up

सुल्तानपुर में शनिवार को जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार-चतुर्थ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 52,342 वादों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हीरालाल तृतीय, अपर प्रधान न्यायाधीश अंकिता शुक्ला और शालिनी सागर ने 129 वैवाहिक वादों और वैवाहिक विवाद संबंधी 11 प्रीलिटिगेशन मामलों को सुलह-समझौते के माध्यम से निपटाया। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष लक्ष्मी कांत राठौर ने 86 मोटर एक्सीडेंट क्लेम याचिकाओं का निस्तारण किया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राधेश्याम यादव ने विद्युत और बीमा सहित 13 अन्य वादों का निपटारा किया। अपर जनपद न्यायाधीश संध्या चौधरी, राकेश पाण्डेय, निशा सिंह, नीरज कुमार श्रीवास्तव, जलाल मोहम्मद अकबर और राकेश ने कुल 312 प्रीलिटिगेशन बैंक वसूली से संबंधित वादों का निस्तारण किया। इन ऋण संबंधी मामलों में 25,78,26,326 रुपये का समझौता हुआ। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने 4201 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने 987, स्मृति चौरसिया ने 439, मुक्ता त्यागी ने 375 और मयूरेश श्रीवास्तव ने 408 वाद निपटाए। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) उत्तरी, हतिका श्रीवास्तव ने 4; सिविल जज (जूनियर डिवीजन) दक्षिणी, आस्था मिश्रा ने 16; अपर सिविल जज (अपर खंड) प्रगति ने 51; बुशरा नाज अंसारी ने 52; मनीष कुमार ने 284; अनुबाला ने 50; सुधीर कुमार ने 117; अनुकृति रावत ने 100; राधिका राज ने 54 और प्रतीक ने 59 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मुसाफिरखाना, दीपांशी चौधरी ने 94; सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कादीपुर, विश्वजीत सिंह ने 94; सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कादीपुर, संतोष कुमार वर्मा ने 107; अपर सिविल जज प्रथम खंड, अविनाश चंद्र गौतम ने 434; सिविल जज प्रथम खंड एफ.टी.सी., भाव्या श्रीवास्तव ने 180; सिविल जज (अपर खंड) एफ.टी.सी., प्रियंका दिवाकर ने 64 और सत्येंद्र कुमार मिश्रा ने 82 वाद निपटाए। ग्राम न्यायालय गौरीगंज के न्यायाधिकारी बृजेंद्र स्वरूप ने 69 और ग्राम न्यायालय अमेठी के न्यायाधिकारी नीरज यादव ने 47 वादों का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त, सुल्तानपुर के जिलाधिकारी और उनके अधीन कार्यरत पीठासीन अधिकारियों ने 17,854 वाद निपटाए, जबकि अमेठी के जिलाधिकारी और उनके अधीन कार्यरत पीठासीन अधिकारियों ने 23,513 वादों का निस्तारण कराया।

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