बदायूं में सिपाही ने डग्गामार वाहन चालक से की सौदेबाजी:ड्राइवर से बातचीत का ऑडिया आया सामने, एसएसपी ने किया निलंबित

📅 Published: November 22, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

बदायूं में रोडवेज पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही नितिन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने शनिवार देर शाम यह कार्रवाई की। सिपाही पर एक डग्गामार वाहन चालक से सौदेबाजी का आरोप है। सिपाही नितिन कुमार और डग्गामार वाहन चालक के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया है। इसी ऑडियो के वायरल होने के बाद एसएसपी ने मामले का संज्ञान लिया। वायरल ऑडियो सिविल लाइंस थाने की रोडवेज पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही का बताया जा रहा है। इसमें सिपाही और चालक नए दरोगा की तैनाती के कारण डग्गामारी के रेट बढ़ने से जुड़ी बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, डग्गामार चालक की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामला एसएसपी के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र सिंह को सौंपी गई है। अब पढ़िए सिपाही और चालक की बातचीत… सिपाही – हेलो।
चालक – तुम नए नंबर से कॉल कर रहे हो, अपने वाले से किया करो। ये नंबर भी तुम्हारा है क्या? सेव कर लूं? सिपाही – हाँ, ये मैंने टेंपररी ले लिया है 35–40 रुपए का। एक महीने के लिए लिया था, 15 दिन हो गए। 15 दिन बाद फेंक दूंगा।
चालक – आ गए दरोगा जी क्या? सिपाही – हां, दरोगा जी आए हुए छह दिन हो गए। चालक – तुमने सारी बातें बता दी उन्हें? सिपाही – हां, बता दी। उनसे क्या छिपाऊंगा, वो घर के जैसे हैं मेरे। चालक – तो हमें भी घर का ही बता देना। कह देना रिश्तेदारी के हैं, अपनी बिरादरी के हैं। हमसे कम ले लो। जितना पुराने दरोगा जी लेते थे, उतना ही ले लो। सिपाही – मालिक, मैं उनसे झूठ नहीं बोल सकता। कोई गैर होता तो बोल भी देता। चालक – चलो, ऐसा करो, ज्यादा नहीं, मैं गाड़ी से 400 रुपए करवा दूंगा। सिपाही – भाई सुमित, जो जायज है वही बता रहा हूँ। गलत नहीं बोल रहा। चालक – 100 रुपए भैयाबंदी में भी न छुड़वाओगे, तो क्या फायदा भैयाबंदी का? सिपाही – मालिक, मैं ये कह रहा हूं कि इसे तुम्हारी मोहब्बत समझो। तुम एक काम करो—शाम को मिलना, आज तुम्हें एक जरूरी बात बताऊंगा। चालक – हमें दरोगा जी से मिलने की जरूरत नहीं। तुम कह रहे हो कि वो तुम्हारे भाई जैसे हैं, तो तुम्हारी बात ही मान लेंगे। सिपाही – मिलूंगा तो मैं ही। लेकिन तुम्हें बताऊंगा कि तुम्हारे और दूसरों में क्या फर्क रखा है। चालक – बताओ फिर। सिपाही – औरों का पूरा एक लगा दिया है। तुम्हारी कसम, अपनी कसम। चालक – लेकिन तुम अपना आदमी बता के हमारा कम करवा सकते हो। कह देना—ये पुराने हैं। सिपाही – बात तुम्हारी सही है, लेकिन इतना मैं कैसे संभाल पाऊंगा? तुम्हारा आधा ही हो रहा है, बिल्कुल। झूठ नहीं बोल रहा—सुबह-सुबह वर्दी पहनकर बैठा हूँ। औरों से एक पूरा कर दिया है। चालक – चलो, ऐसा कर दो कि जैसे पहले चलता था—पांच में एक फ्री कर दो। अभी छह हैं, एक फ्री कर दो, यानी सात। तो साढ़े चार के हिसाब से पड़ जाएगी। सिपाही – नहीं-नहीं, सामने आकर बात करो। कल किस समय आओगे? चालक – कल तो मैं बाहर जा रहा हूँ रिश्तेदारी में। सिपाही – मालिक, कोशिश करो कि कल यहीं आ जाओ। चालक – कल तो निपटकर ही निकलूँगा। अगर आ गया तो ठीक, नहीं तो परसों ज़रूर आ जाऊँगा। वो दूसरा नंबर तो चालू है न? सिपाही – हां-हां, वो चल ही रहा है।

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