बागपत में बुधवार को हिंदू संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शहर कोतवाली क्षेत्र की एक महिला को न्याय दिलाने की मांग को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और उसका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न किया गया। प्रदर्शन के दौरान पीड़िता भी मौजूद थी। उसने अधिकारियों से अपने मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण वह लगातार भय में जी रही है। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पीड़िता पर न केवल धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया, बल्कि उसे मामले को रफा-दफा करने के लिए भी मजबूर किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी लगातार धमकियां दे रहे हैं, जिससे पीड़िता और उसका परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। संगठन के नेताओं ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए पुलिस और प्रशासन से तुरंत प्रभावी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व हिंदू नेता आलोक शास्त्री, प्रियंका आर्य, देव शिरोही, जय कुमार कंडेरा, अंकित बडोली, मधुसूदन शास्त्री, सतीश कुमार एडवोकेट, आजाद विनोद, राखी, उषा, प्रियांशी, जगदीप ठाकुर और प्रमोद गोस्वामी ने किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती, संगठन अपना आंदोलन जारी रखेगा। नेताओं ने कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में देरी से पीड़ित परिवारों का मनोबल कमजोर होता है। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान, संगठन के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी अस्मिता लाल को एक ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और मामले की तेजी से जांच कराने के साथ-साथ पीड़िता को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद, हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई की प्रगति पर लगातार नजर रखेंगे।
धर्म परिवर्तन के आरोप पर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:बागपत में डीएम के आश्वासन के बाद धरना समाप्त, जांच का भरोसा
📅 Published: November 26, 2025 |
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