ऐक्टू ने मजदूर विरोधी लेबर कोड्स के खिलाफ प्रदर्शन किया:केंद्र सरकार के कानूनों को रद्द करने की मांग, देशव्यापी विरोध जारी

📅 Published: November 26, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

रायबरेली में ऐक्टू ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स कानूनों के खिलाफ विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला गया, जहां एक सभा आयोजित कर कानूनों को तत्काल रद्द करने की मांग की गई। यह विरोध प्रदर्शन देशव्यापी आह्वान पर किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की मजदूर विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक सरकार की इन नीतियों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इन कानूनों को मेहनतकश जनता के साथ धोखा बताते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की। ऐक्टू के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये मजदूर विरोधी और मालिक परस्त लेबर कोड्स कानून मेहनतकश अवाम पर मोदी सरकार का सबसे बड़ा हमला हैं। उन्होंने इसे मनमानी और अलोकतांत्रिक अधिसूचना बताया, जो सभी लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना करती है और देश के कल्याणकारी राज्य के चरित्र को नष्ट करती है। विद्रोही ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने पूंजीवादी मित्रों के साथ मिलकर देश को मालिक-नौकर संबंधों के शोषणकारी युग में वापस ले जाने की कोशिश कर रही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन कानूनों के तहत मजदूरों से अब 12 घंटे तक काम लिया जा सकता है, उनके संगठित होने के अधिकार को खत्म किया जा रहा है, और उन्हें मनमाने तरीके से नौकरी से निकाला जा सकता है या फैक्ट्रियां बंद की जा सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गहराते बेरोजगारी के संकट और बढ़ती महंगाई के बीच इन कोड्स की अधिसूचना मेहनतकश जनता के खिलाफ युद्ध की खुली घोषणा है, जिसका जवाब दिया जाना चाहिए।

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