हरियाणा की कैबिनेट मीटिंग आज:पांच एजेंडों पर चर्चा होगी; 6 जिलों के गांवों की अदला​​​​​​​-बदली पर भी होगा फैसला

📅 Published: December 8, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

हरियाणा की कैबिनेट बैठक आज दोपहर बाद आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे। बैठक में कुल पांच एजेंडे रखे जाएंगे। माना जा रहा है कि सरकार विधायकों को राहत देने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। जानकारी के अनुसार, दूसरे राज्यों के दौरों पर जाने वाले विधायकों के लिए होटल में ठहरने की संशोधित दरों पर निर्णय लिया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक, विधायकों को एक दिन के लिए 5000 रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ ही, बैठक में इस महीने प्रस्तावित विधानसभा सत्र की तारीख तय करने पर भी विचार किया जाएगा। 6 जिलों के गांवों की अदला-बदली पर चर्चा इसके अलावा कैबिनेट मीटिंग में छह जिलों के गांवों की अदला-बदली पर भी चर्चा की जाएगी। दरअसल, कैबिनेट की सब कमेटी में जिला बनाने को लेकर गांवों की अदला-बदली को लेकर कई प्रस्ताव आए हैं। इन प्रस्तावों के तहत जिला महेंद्रगढ़ स्थित नारनौल, रेवाड़ी, यमुनानगर, फरीदाबाद, सिरसा और जिला झज्जर के गांवों को एक उप तहसील व तहसील से निकालकर दूसरी उप तहसील व तहसीलों में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी प्रदान की जाएगी। विधानसभा के विंटर सेशन की डेट पर फैसला मीटिंग में विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीख भी तय किए जाने की संभावना है। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 26 दिसंबर से आरंभ हो सकता है, जो 30 या 31 दिसंबर तक चलने की संभावना है। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मोटर वाहन नियमों में बदलाव होगा। इसके तहत राज्य सरकार पर्यटन परमिटों के अंतर्गत संचालित पर्यटन वाहनों के संचालन की आयु निर्धारित करेगी। इससे सड़क दुर्घटनाएं रोकने में मदद मिलेगी। अल फलाह यूनिवर्सिटी को लग सकता है झटका मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2006 में संशोधन किया जाएगा, जिसके माध्यम से एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विधेयक पेश किया जाना है। यह विश्वविद्यालय गुरुग्राम के सेक्टर 68 में खुलेगा और इसका नाम डिजाइन, नवाचार और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय है। इसी अधिनियम के माध्यम से पिछली हुड्डा सरकार ने साल 2013 में 17 निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी प्रदान की थी। आतंकी गतिविधियों के केंद्र के रूप में सामने आई फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी को भी इसी अधिनियम में संशोधन के तहत मंजूरी मिली थी।

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