इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने इटावा में प्रशासन से मिलकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोग बीएलओ के साथ मारपीट और धमकी दे रहे हैं और फॉर्म 7 के जरिए अल्पसंख्यक समाज और पीडीए समाज के वोट कटवाए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी से मुलाकात की, जहां प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिवपाल सिंह यादव ने जिलाधिकारी और एसएसपी को बताया कि भाजपा से जुड़े लोग बीएलओ और बीएलए को लगातार धमका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं। उनका कहना है कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश हैं और प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। फॉर्म 7 के जरिए वोट कटवाने का दावा शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल कर सही और पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खास तौर पर अल्पसंख्यक समाज और पीडीए समाज को निशाना बनाया जा रहा है, ताकि चुनाव में लाभ उठाया जा सके। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। धरने की चेतावनी, प्रशासन से कार्रवाई की मांग मीडिया से बात करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह धरने पर बैठने का मन बनाकर आए थे, लेकिन प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर आगे भी बीएलओ, बीएलए या किसी को धमकाया गया और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो वह वहीं धरना देंगे। चुनाव परिणामों और प्रशासन पर उठाए सवाल शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जिन लोगों के पास गिनती के दस वोट भी नहीं हैं, वही इस तरह की धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में हुए जिले के छोटे चुनाव का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उसका नतीजा क्या रहा। कई सपा नेता रहे मौजूद
इस दौरान समाजवादी पार्टी के कई नेता शिवपाल सिंह यादव के साथ मौजूद रहे। इनमें सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू, वरिष्ठ नेता उदयभान सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य पंकज यादव पिंटू, सत्यभान यादव, डॉ अरविंद यादव, सपा प्रवक्ता विक्की गुप्ता, राजेश यादव टिल्लू सहित अन्य नेता शामिल रहे।
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया है कि सपा नेता आज अपनी शिकायत को लेकर आए थे जिनकी शिकायत सुन ली गई है। उनको आश्वासन दिया गया है कि इस पूरे मामले की जांच पड़ताल करवा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
