बिजनौर में 10 साल पुराने एक मामले में अपर जिला जज राम अवतार यादव की अदालत ने चार दोषियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 85 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला धामपुर थाना क्षेत्र के जीतनपुर गांव में दीपावली के दिन हुई एक जानलेवा मारपीट से जुड़ा है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) जितेंद्र पाल राजपूत ने बताया कि जीतनपुर गांव निवासी मदन सिंह पुत्र शिवनाथ ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसके गांव के महेंद्र पुत्र लल्लू, लेखराज पुत्र डालचंद, मुकेश पुत्र हरकेश और पिंटू पुत्र राजेंद्र उसके घर के सामने पटाखे जला रहे थे और पटाखे उसके घर में फेंक रहे थे। जब मदन ने उन्हें ऐसा करने से मना किया, तो चारों आरोपियों ने उसे गाली-गलौज कर मारपीट की। मदन को बचाने आए उसके परिवार के सदस्य मनोज, मनोहर और संतोष रानी को भी आरोपियों ने पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना में मदन, मनोज, मनोहर और संतोष देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं थीं। पुलिस ने शुरुआत में हल्की धाराओं में एनसीआर दर्ज की थी। हालांकि, मदन सिंह के सिर में गंभीर चोटों के कारण उसे मेरठ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की धाराओं में संशोधन किया, गहन जांच-पड़ताल की और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान, चोटिल मनोज, मनोहर और संतोष देवी सहित अन्य गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें सजा सुनाई। गौरतलब है कि इसी मामले से जुड़े एक अन्य केस में अदालत ने तीन दिन पहले ही चोटिल मनोज, मनोहर, संतोष और अर्जुन से संबंधित पांच दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी।
बिजनौर कोर्ट ने 10 साल पुराने मामले में सुनाई सजा:चार दोषियों को 7 साल की कैद, 85 हजार का जुर्माना
📅 Published: November 20, 2025 |
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