प्रयागराज की रहने वाली रंजीता गुप्ता से मिलिए। ये राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बिहार प्रतापगढ़ में बतौर प्रवक्ता तैनात हैं। छात्राओं को पढ़ाने का इनका तरीका औरों से जरा हटके है। गांव की बच्चियों को साइंस से जोड़ने के लिए इन्होंने एक से बढ़कर एक मॉडल तैयार किया है। अपने घर में ही इन्होंने इसके लिए एक कमरा रिजर्व कर दिया है। इसमें यह अलग अलग तरीके का मॉडल बना रखा है। हवा से चलने वाली पनचक्की हो या फिर कचरा प्रबंधन के लिए नया तरीका, ऐसे तमाम मॉडलों से इनका कमरा भरा हुआ है। अलग अलग दिनों में यह अपने साथ कॉलेज ले जाती हैं और उसके जरिए गांव की छात्राओं को इसे समझाने का प्रयास करती हैं। राज्य स्तर पर कई पुरस्कार पा चुकी हैं रंजीता गुप्ता रंजीता गुप्ता को इस तरह के अनूठे कार्यों के लिए कई बार जनपद, मंडल व राज्यस्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। वह कहती हैं, हमारा कॉलेज ग्रामीण परिवेश में है। ऐसे में वहां जो छात्राएं पढ़ने आती हैं उन्हें आसानी से साइंस आदि के बारे में समझा सकें बस इसी उद्देश्य से इस तरह का कार्य कर रही हूं। यही बेटियां आगे चलकर कुछ नया करेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी। इनके पति राम औतार गुप्ता भी सोरांव के मेवालाल इंटर काॅलेज में गणित के टीचर हैं। मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में मिला पहला स्थान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज में गुरुवार को 53वीं मंडल स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी आयोजित हुई थी। इसमें प्रवक्ता रंजीता गुप्ता को ‘कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प’ पर माडल बनाने के लिए प्रथम पुरस्कार भी मिला। अब वह राज्यस्तर पर आयोजित प्रदर्शनी में हिस्सा लेने के लिए लखनऊ भी जाएंगी। उनकी इस उपलब्धि के लिए कॉलेज के स्टाफ ने भी बधाई दी है।
मॉडलों के जरिए साइंस का फार्मूला समझा रहीं मैडम:प्रयागराज की रंजीता गुप्ता की अनूठी पहल, कमरे में बना दी साइंस के मॉडलों की लैब
📅 Published: November 21, 2025 |
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