अंबेडकरनगर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने दहेज हत्या के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने विवाहिता की हत्या के दोषी पति दीप नारायण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसकी सास पूनम और ससुर रामहेत को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा दी गई है। प्रत्येक दोषी पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला हमीरपुर जिले के रामचरन निषाद की बेटी शालिनी निषाद से जुड़ा है। शालिनी का विवाह वर्ष 2018 में लखनऊ निवासी दीप नारायण से हुआ था। शादी के बाद शालिनी और दीप नारायण इब्राहिमपुर की एनटीपीसी कॉलोनी टांडा में रह रहे थे। शालिनी के पिता के अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में इनोवा गाड़ी की मांग कर रहे थे और उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। 9 मार्च 2020 को शालिनी ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि दहेज में इनोवा गाड़ी न मिलने के कारण पति का व्यवहार खराब है और उसके सभी जेवरात छीन लिए गए हैं। उसी शाम उसने अपनी भाभी को भी एक मैसेज भेजा था। इसके कुछ समय बाद शालिनी के पिता को फोन पर सूचना मिली कि उनकी बेटी की तबीयत बहुत खराब है और उन्हें तुरंत आने को कहा गया। जब वे एनटीपीसी टांडा के अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें शालिनी का शव मिला, जिसे देखने भी नहीं दिया गया। पिता को संदेह हुआ कि दहेज की मांग पूरी न होने के कारण पति दीप नारायण, ससुर रामहेत, सास पूनम और देवर लव व कुश ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से शालिनी की हत्या कर दी है। विवाहिता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सत्र परीक्षण के दौरानबजिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गोविंद श्रीवास्तव ने गवाहों को परीक्षित कराया और दोषियों को सजा दिए जाने के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किए। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने पति, सास और ससुर को दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
अंबेडकरनगर में दहेज हत्या में पति को उम्रकैद:पत्नी की हत्या के दोषी सास-ससुर को भी 7-7 साल कारावास, लगा अर्थदंड
📅 Published: November 29, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
