अपग्रेडेड चेक प्वाइंट्स पर स्वास्थ्य केंद्रों की होगी जांच:सीएमओ ने गठित की 6 टीमें, जांच के बाद गैप एनॉलिसिस कर होगी कार्रवाई

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

गोरखपुर में स्वास्थ व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पहले की तुलना अपग्रेडेड चेकप्वाइंट्स के आधार पर सभी सीएचसी और पीएचसी की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने छह टीमें गठित की हैं। यह टीमें इन अस्पतालों का निरीक्षण कर चेक प्वाइंट्स के आधार पर जांच करेंगी। जांच के बाद गैप एनालिसिस कर उन्हें दूर करने की कार्रवाई होगी। पिछले दिनों जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सहजनवां सीएचसी का दौरा किया था। वहां मिले गैप के साथ ही सभी अस्पतालों के गैप्स दूर करने का सीएमओ को निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशन में इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इस कड़ी में सभी जांच टीमों के साथ सीएमओ ने गुरुवार को बैठक की और चेक प्वाइंट्स ब्रीफ किया। साथ एक अन्य समीक्षा बैठक में सीएमओ ने प्रेरणा श्री सभागार में गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सा अधिकारियों और स्टॉफ को आवश्यक निर्देश दिए। चेकलिस्ट पर तैयार रहे सभी अस्पताल सीएमओ ने डॉ. राजेश झा ने बताया- अस्पतालों की जांच से संबंधित जो पहले की चेकलिस्ट को और भी अपग्रेडेड किया गया है। इन चेकलिस्ट पर सभी अस्पतालों को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, कंडम सामानों का निस्तारण और सभी आवश्यक जांचों की सुविधा और अन्य चेकलिस्ट का हिस्सा हैं। जिला स्तर से एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ के साथ एनएचएम कंसल्टेंट्स और सहयोगियों को मिला कर छह टीमें गठित की गई हैं। सहजनवां सीएचसी में पाई गई कमियों का होगा रिव्यू
यह टीमें अलग-अलग सीएचसी-पीएचसी जाएंगी और वहां की जांच करेंगी। जिलाधिकारी ने सहजनवां सीएचसी पर जो कमियां पाई थीं, उनका रिव्यू किया जा रहा है। उनके निर्देश के अनुसार एक बार फिर वहां का दौरा कर देखा जाएगा कि कमियां दूर हुई हैं या नहीं। सभी अस्पतालों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने का निर्देश दिया गया। तीस साल से अधिक उम्र के सभी लोगों की हो स्क्रिनिंग वहीं गैर- संचारी रोग कार्यक्रम से संबंधित समीक्षा बैठक में सीएमओ ने कहा- तीस साल से अधिक उम्र के सभी लोगों की शुगर, ब्लड प्रेशर और कैंसर के लिए स्क्रिनिंग अवश्य की जानी चाहिए। आशा कार्यकर्ता की मदद से इस आयु वर्ग के सभी लोगों का सी-बैक फॉर्म अवश्य भरवाया जाए। फॉर्म के आधार पर रिस्क एसेसमेंट कर जोखिम वाले वर्ग की प्राथमिकता के साथ स्क्रिनिंग की जाए। बदलते दौर में गैर- संचारी रोग महत्वपूर्ण चुनौती
स्क्रिनिंग के बाद संभावित रोगियों को चिकित्सक के पास जांच और इलाज के लिए भेजा जाए और इसकी रिपोर्टिंग भी होनी चाहिए। सीएमओ ने कहा कि बदलते दौर में गैर संचारी रोग समुदाय के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है, इसलिए इस कार्यक्रम का संचालन गंभीरता के साथ किया जाए। इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ. एके चौधरी, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार, डॉ. एसके मिश्रा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव, डॉ. अमित शाही, डीपीएम पंकज आनंद और सहयोगी आदिल सहित विभिन्न ब्लॉकों और जिला स्तर से गैर संचारी रोगों से जुड़े कर्मी मौजूद रहे। कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की हुई समीक्षा गुरुवार को ही जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह ने भी जिला कुष्ठ रोग कार्यालय पर कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने सभी को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्रों में नए कुष्ठ रोगी को जल्द तलाश कर तत्काल इलाज में लाएं। साथ ही सभी मरीजों का विवरण निकुष्ठ पोर्टल पर भी अपलोड करे। लेप्रा रिएक्शन वाले मरीज को चिह्नित कर इलाज करें और रिएक्शन रजिस्टर में अंकित करे। बैठक में जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ. भोला गुप्ता, स्वास्थ्य शिक्षक एम.डी.सिंह सहित सभी एनएमएस, एनएमए और पीएमडब्ल्यू मौजूद रहें।

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