अब चीन का दावा- हमने भारत-पाक संघर्ष रुकवाया:कई लड़ाइयां सुलझाने में मदद की; भारत बोला- सीजफायर में तीसरे पक्ष का रोल नहीं

📅 Published: December 31, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बाद अब चीन ने भी यह दावा किया है कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को कम कराने में भूमिका निभाई थी। चीन का कहना है कि जब इस साल दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ गए थे, तब उसने बीच में आकर तनाव कम करने की कोशिश की। मंगलवार को बीजिंग में आयोजित एक कार्यक्रम में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन दुनिया के कई संघर्षों को सुलझाने में मदद करता रहा है। उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव के दौरान भी चीन ने मध्यस्थता की थी। चीन के विदेश मंत्रालय ने उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया। भारत सरकार ने चीन के इस दावे को खारिज किया है। भारत ने कहा है कि संघर्ष को रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। चीन का यह बयान उस समय को लेकर है, जब इस साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव हुआ था। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, जिससे कुल मिलाकर 11 एयरबेस को नुकसान पहुंचा था। भारत ने यह हमला 22 अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया था, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। भारत पहले भी तीसरे पक्ष की भूमिका नकार चुका है चीन और ट्रम्प के दावों के उलट भारत सरकार पहले भी साफ तौर पर कह चुकी है कि इस पूरे मामले में किसी भी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। भारत का कहना है कि यह तनाव सीधे भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच बातचीत से ही खत्म हुआ। भारत के मुताबिक, भारी नुकसान होने के बाद पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी ने भारतीय सैन्य अधिकारी से संपर्क किया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने भारतीय DGMO से बात की और इसके बाद दोनों देशों ने 10 मई से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। चीन के इस नए दावे के बाद उसकी भूमिका को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि चीन और पाकिस्तान के रिश्ते बहुत करीबी माने जाते हैं। चीन, पाकिस्तान को सबसे ज्यादा हथियार देने वाला देश है, इसलिए उस पर सवाल उठते रहे हैं कि वह इस मामले में कितना निष्पक्ष रह सकता है। चीन ने फर्जी जानकारी फैलाने की कोशिश की थी नवंबर में आई एक अमेरिकी रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की थी। रिपोर्ट में कहा गया कि सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स के जरिए AI से बनाई गई झूठी तस्वीरें फैलाई गईं, जिनका मकसद भारत द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमानों की छवि को नुकसान पहुंचाना और चीन के अपने J-35 विमान को बढ़ावा देना था। कूटनीतिक स्तर पर देखें तो जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, उसी दिन चीन ने संयम बरतने की अपील की थी। हालांकि, चीन ने भारत की सैन्य कार्रवाई पर चिंता भी जताई थी और कहा था कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है। आतंकियों के ठिकानों पर हमले से शुरुआत भारत ने पाकिस्तान पर हमले की शुरुआत 6 और 7 मई की रात से की। भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था। इन ठिकानों में पाकिस्तान के पंजाब राज्य के बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाके भी शामिल थे। इसके जवाब में 8 मई की शाम को पाकिस्तान ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला करने की कोशिश की। उसने तुर्किये और चीन के ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली। भारत की वायु रक्षा पूरी तरह से एक्टिव थी और छोटे हथियारों से लेकर बड़े एयर डिफेंस सिस्टम तक हर हथियार तैयार था। इन हथियारों ने पाकिस्तान के ड्रोन को काफी नुकसान पहुंचाया। भारतीय सेना ने भी सीमा के दूसरी तरफ भारी तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की सेना को बुरी तरह से उलझा कर रखा और उसे बड़ा नुकसान पहुंचाया। ———— यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान बोला-नूरखान एयरबेस में भारत ने 80 ड्रोन दागे थे:इससे कई सैनिक घायल हुए; ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने 11 एयरबेस तबाह किए थे पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शनिवार को एक बार फिर माना कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में उसके नूरखान एयरबेस पर बड़ा ड्रोन हमला किया था। डार ने कहा कि भारत ने 36 घंटे के अंदर पाकिस्तान की तरफ 80 ड्रोन भेजे थे। इस हमले में कई सैनिक घायल हुए थे और सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा था। पढ़ें पूरी खबर…

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *