पंजाब के अमृतसर जिले के रामदास के रहने वाले नायब सूबेदार प्रगट सिंह (31) जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर आज दोपहर बाद हवाई मार्ग से श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा राजासांसी पहुंचेगा। इसके बाद यहां से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव रामदास ले जाया जाएगा, जहां लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शहीद का अंतिम संस्कार कल पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। आर्मी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, फौजी प्रगट सिंह की ऑक्सीजन कम होने से हार्टअटैक से मौत हुई है। प्रगट सिंह की कल देर शाम ही अपने परिवार से बात हुई थी जिसमें उसने कहा था कि उसे सांस चढ़ रहा है, जिस कारण वह बात नहीं कर सकता। आज सुबह उसके शहादत की खबर परिवार को मिली। प्रगट सिंह 19 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। वे 2015 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वो तकरीबन डेढ़ माह पहले ही छुट्टी काटकर वापिस गया था। उसके दो छोटे बेटे हैं वहीं पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। प्रगट सिंह के भाई ने बताया कि वो 11 साल पहले फौज में भर्ती हुआ था और 21 जनवरी को उसकी पोस्टिंग जम्मू और कश्मीर में हुई थी। उधर, प्रगट सिंह की शहादत पर सीएम भगवंत मान ने भी दुख जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट में लिखा- देश के लिए प्रगट सिंह के साहस और जज्बे को दिल से सलाम। वे शहीद जवान के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। इस कठिन समय में पंजाब सरकार परिवार के साथ खड़ी है। परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। शहीद नायब सूबेदार प्रगट सिंह के बारे में जानिए… जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे
जानकारी के अनुसार, नायब सूबेदार प्रगट सिंह ने 23 दिसंबर 2015 को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। बीते करीब नौ वर्षों से वे लगातार चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात रहकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में थी। भारतीय सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट में सेवाएं दे रहे थे। प्रगट सिंह की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव रामदास सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। आक्सीजन की कमी से हार्टअटैक होने से मौत हुई
परिवार के मुताबिक, उन्हें आर्मी की ओर से जानकारी दी गई कि फौजी प्रगट सिंह की ऑक्सीजन कम होने से हार्टअटैक से मौत हुई है। प्रगट सिंह की कल देर शाम ही अपने परिवार से बात हुई थी। इसमें उसने कहा था कि उसे सांस चढ़ रहा है। उससे बात नहीं हो पा रही है। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे डॉक्टरों को दिखाने और आराम करने की बात कहते कॉल काट दी थी। डेढ़ माह पहले ही छुट्टी काटकर वापस लौटा था
प्रगट सिंह की मां के मुताबिक उनके बेटे को कभी सिर में भी दर्द नहीं हुआ, वो बेहद जांबाज था। डेढ़ महीना पहले ही वो छुट्टी काटकर गया था और कल रात को 8 बजे ही परिवार से बात हुई थी। जब से बेटे की शहादत की खबर मिली है, परिवार को रो रोकर बुरा हाल है। प्रगट सिंह के भाई ने बताया कि 21 जनवरी,2025 को उसकी पोस्टिंग जम्मू और कश्मीर में हुई थी। दो छोटे बच्चों को छोड़ गए
शहीद प्रगट सिंह अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम पसरा हुआ है। हर कोई शहीद के बलिदान को नमन कर रहा है। शहीद की शहादत पर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि प्रगट सिंह ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। देश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।
अमृतसर के नायब सूबेदार जम्मू-कश्मीर में शहीद:अनंतनाग में थी तैनाती, आज घर आएगा पार्थिव शरीर, कल अंतिम संस्कार; मां बोलीं-मेरा बेटा जाबांज था
📅 Published: January 4, 2026 |
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