अमेरिकियों के 23000 करोड़ डॉलर ठगने वाले कुणाल की कहानी:पिता हिसार में बीमा एजेंट रहे, बहन के पास USA शिफ्ट हुए; प्राइवेट जेट-महंगी गाड़ियां जब्त

📅 Published: November 23, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

हरियाणा के हिसार के मॉडल टाउन के रहने वाले 45 वर्षीय कुणाल मेहता ने अमेरिकियों से 23,000 करोड़ डॉलर की ठगी की है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसके बाद कैलिफोर्निया कोर्ट में चले केस में कुणाल ने अपना जुर्म स्वीकार लिया, जिसके बाद उसे दोषी ठहराया गया। कुणाल के दोषी ठहराए जाने के बाद हरियाणा की गुप्तचर एजेंसियां भी कुणाल और उसके परिवार की कुंडली खंगालने में जुट गई हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुणाल के पिता दीपक मेहता हिसार में 2000 से पहले रहते थे। वे बीमा एजेंट का काम करते थे। कुणाल की स्कूलिंग हिसार से हुई। मॉडल टाउन में होंदा राम ढाबे के अपोजिट उनका मकान था, जिसे बेचकर पूरी फैमिली दिल्ली शिफ्ट हो गई थी। इसके बाद परिवार दिल्ली से अमेरिका चला गया। दीपक मेहता की बहन अमेरिका में ही रहती है। कुणाल मेहता अपनी लग्जरी लाइफ, महंगी गाड़ियों, विला, प्राइवेट गार्ड के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करता था। आरोपी ने प्राइवेट जेट भी किराए पर लिया हुआ था। FBI ने कुणाल मेहता की अरबों रुपए की संपति, करोड़ों रुपए कीमत की 28 महंगी कारें जब्त की हैं। इनमें सात लैम्बॉर्गिनी, तीन फेरारी, एक रोल्स-रॉयस और एक मैक्लेरेन शामिल हैं। कुणाल को अमेरिका कोर्ट ने कुणाल को कितनी सजा सुनाई है, इस पर अभी कुछ नहीं कहा गया है। कुणाल ने अमेरिकियों को कैसे ठगा, 3 पॉइंट्स में जानिए… क्रिप्टो करेंसी के बदले कैश देकर कमीशन लेता था
कैलिफोर्निया निवासी कुणाल मेहता ने चुराई गई 2.5 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी को वैध बनाने का जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने अमेरिकी जिला न्यायालय की न्यायाधीश कोलीन कोलार-कोटेली के समक्ष षड्यंत्र में शामिल होने की बात स्वीकार की। अमेरिका की डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की बेवसाइट पर प्रकाशित खबर के अनुसार कुणाल मेहता के गिरोह ने अक्टूबर 2023 और मार्च 2025 के बीच पीड़ितों के खातों में सेंध लगाने के लिए सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया। मेहता ने लेन-देन को वैध दिखाने के लिए फर्जी कंपनियां बनाईं और क्रिप्टोकरेंसी को नकदी में बदलने और धन हस्तांतरित करने के लिए 10% शुल्क लिया। इस मामले में 14 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें से कई पर साइबर क्राइम, मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और न्याय में बाधा डालने के भी आरोप हैं। FBI ने कोर्ट में कहा कि समूह ने चुराए गए धन का इस्तेमाल भोग विलासिता पर खर्च किया। ऑनलाइन और नकली फोन नंबरों के जरिए की ठगी
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस गिरोह के सदस्यों ने ऑनलाइन और नकली फोन नंबरों के जरिए पूरे अमेरिका में पीड़ितों से क्रिप्टोकरेंसी चुराई। फिर उन्होंने चुराई गई मुद्रा का इस्तेमाल प्रति शाम 500,000 डॉलर तक की नाइटक्लब सेवाएं पाने, नाइटक्लब पार्टियों में दिए जाने वाले हजारों डॉलर के लग्जरी हैंडबैग, 100,000 से 500,000 डॉलर के बीच की लग्जरी घड़ियां, हजारों डॉलर के लग्जरी कपड़े खरीदें।
इसके अलावा लॉस एंजिल्स, हैम्पटन और मियामी में किराये के घर, निजी जेट किराए पर लिए। निजी सुरक्षा गार्डों की एक टीम बनाई। 100,000 डॉलर से 38 लाख डॉलर तक की कम से कम 28 विदेशी कारों का बेड़ा खरीदने के लिए इस मुद्रा का यूज किया। कोर्ट में दो केसों का हवाला दिया गया
कुणाल पर दर्ज दो केसों को कोर्ट में रखा गया। इनमें आरोप लगाया गया है कि 18 अगस्त, 2024 को मेहता के साथी मैलोन लैम और एक अन्य सहयोगी ने कोलंबिया में एक युवक से संपर्क किया और उससे धोखाधड़ी से 4,100 से अधिक बिटकॉइन प्राप्त किए। इसका मूल्य उस समय 263 मिलियन डॉलर था। इस सप्ताह इसका मूल्य 384.5 मिलियन डॉलर से अधिक है। दूसरे केस मे मेहता की पहली मुलाकात 2024 की शुरुआत में एक मनी एक्सचेंजर के जरिए हुई थी, जो लॉस एंजिल्स की एक विदेशी कार डीलरशिप के मालिक का दोस्त था। मनी एक्सचेंजर ने क्रिप्टो को नकद में बदलने में मेहता से हजारों डॉलर की मदद मांगी। मेहता क्रिप्टोकरेंसी को कैश में बदलने के लिए 10% शुल्क लेता था।

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