आगरा नहरों की सिल्ट सफाई में हुए भ्रष्टाचार से मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया का फिर सामना हुआ। टर्मिनल रजवाह और श्यामो माइनर निरीक्षण में बदहाल मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता नीरज कुमार को सात दिन में सुधार के निर्देश दिए हैं। लोअर खंड सिंचाई विभाग को रबी फसलों में नहरों की तलीझाड़ सफाई के लिए तीन करोड़ रुपये मिले थे। आरोप है कि नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर घास छील कर तीन करोड़ रुपये विभागीय इंजीनियर और ठेकेदारों ने ठिकाने लगा दिए। जनप्रतिनिधि भी आंखें मूंदे रहे। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने के लिए नहरों में पानी छोड़ दिया गया जिससे जांच भी नहीं हो सके। इस मामले में एक तरफ अधिशासी अभियंता नीरज कुमार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएम अरविंद बंगारी ने मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह और मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है। दूसरी तरफ मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने टर्मिनल रजवाह और श्यामो माइनर का दौरा किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि तलीझाड़ सफाई नहीं की गई। नहर जगह-जगह टूटी और कटी मिलीं। सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है। अधिशासी अभियंता को चेतावनी दी गई है कि सात दिन में सुधार नहीं हुआ तो शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने कहा कि नहर सफाई में हुए भ्रष्टाचार को अधिकारी छुपाने में लगे हुए हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है
आगरा की नहरों में फिर मिली खामियां:जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों को लगाई फटकार, सात दिन में सुधार के निर्देश
📅 Published: November 26, 2025 |
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