पंजाब विस के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने मंगलवार को साहिबजादों, माता गुजरी जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को नमन कर 16वीं विस के 11वें विशेष सत्र की शुरुआत की। सत्र में केंद्र की नई ‘वीबी-जी राम जी’ स्कीम के नाम पर आप और भाजपा नेता आमने-सामने हो गए। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। वित्तमंत्री ने मनरेगा महिला वर्कर चरणजीत कौर की भावुक चिट्ठी पढ़कर सुनाई। उन्होंने कहा कि पत्र में हजारों मजदूरों की चिंता झलकती है। चिट्ठी में लिखा है कि नए नियमों और केंद्र से तय गांवों की सूचियों के कारण बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के इलाज पर संकट खड़ा हो जाएगा। मोबाइल आधारित हाजिरी और जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं के जरिए केंद्र उस रोजगार की गारंटी खत्म कर रही है, जो सालों से ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा रही है। भाजपा कार्यकारी प्रधान से तीखी बहस के दौरान वित्तमंत्री ने चेताया कि यदि ‘ग्राम जी मुर्दाबाद’ के नारों से बेअदबी हुई तो भाजपा खुद जिम्मेदार होगी। हम भगवान राम जी का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं को धार्मिक नाम देना गलत है। पंजाब भाजपा कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा, मनरेगा के तहत इस साल 26 दिन की दिहाड़ी मजदूरों को मिली, जबकि गत साल 38 दिन दिहाड़ी मिली है। वित्तमंत्री ने यह नहीं बताया कि कितने लोगों को भत्ता दिया। मनरेगा में यह हालत कर कर दी कि कार्ड किसी का और मजदूरी दूसरा करता था। आप को पारदर्शिता से चिढ़ क्यों है, मंशा क्या है। 100 दिन दिहाड़ी देनी थी। अच्छा होता है 80 से 90 दिन लोगों को रोजगार दिया होता। 3986 धोखाधड़ी के मामले सामने आए, पर रिकवरी नहीं हुई। असल में आप जिम्मेदारी से भाग रही है। सेशन ड्रामा, 100 दिन रोजगार की बात पर 27 दिन मिला : बाजवा विपक्ष नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, सेशन सिर्फ ड्रामा है। भाजपा की सोच तो महात्मा गांधी के खिलाफ है, लेकिन मैं सीएम से पूछना चाहता हूं कि जब आपकी सरकार आई तो सबसे पहले महात्मा गांधी की फोटो उतारी। मनरेगा मजदूरों को 100 दिन रोजगार की बात करते हैं। इनकी सरकार में एवरेज 27 दिन रोजगार मिला है। ऑडिट करवा लो, सच्चाई सामने आ जाएगी : आप विधायक गोल्डी कंबोज ने कहा, मनरेगा का नाम बदलने से हमें कोई एतराज नहीं है। जो धोखाधड़ी की बात करते हैं तो 2007 से ऑडिट करा लो, सब सामने आ जाएगा। मनरेगा में अच्छा काम करो ताकि लोग आपको याद करे। भाजपाइयों को लोग अब गांवों में एंट्री नहीं देंगे : आप विधायक जीवन सिंह संगोवाल ने कहा, केंद्र की स्कीम गलत है। बीजेपी वालों को अब गांवों में लोग एंट्री नहीं करने देंने। हम सरकार का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने गरीबों के बारे में सोचा। पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोला : बसपा विधायक नछतर सिंह को बोलने का मौके दिया तो भाजपा कार्यकारी प्रधान अश्वनी खड़े हो गए। उन्होंने स्पीकर को कहा कि सदन में देश के पीएम के खिलाफ जिस तरह का आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग हुआ है, वह कार्यवाही से नहीं हटना चाहिए। स्पीकर ने कहा कि गरीब मार आपत्तिजनक शब्द नहीं है। अश्वनी ने कहा कि आपने सुना नहीं है। कहा गया कि ‘मोदी की धौण ते गोड्डा’। 1-1 दिन के इमरजेंसी सेशन क्यों : कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा ने कहा कि 4 साल में 1-1 दिन के इमरजेंसी सेशन बुलाए गए। ऐसे सेशन में न प्रश्नकाल-न जीरो आवर होता है। िवस स्पीकर इसका हल निकालें। सत्र नाकामियों पर पर्दा डालने की कोशिश : भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आप की सरकार से बुलाए गए पंजाब विधानसभा सत्र को राजनीतिक सत्रारोप बताया। कहा गया यह सत्र राज्य सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने और केंद्र राज्य संबंधों में खटास पैदा करने की कोशिश है। दिल्ली चलो, यहां पर कुछ नहीं होगा : कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा, मंत्री साहब हमें दिल्ली की तरफ मुंह करना होगा। सबको पता है कि बीजेपी की ए और बी टीम कौन है। पूर्व पीएम की भूमिका को सम्मान देना चाहिए था : कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, विस में मनरेगा की तारीफ की, पर इसके निर्माता पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का नाम लेने की उदारता नहीं दिखाई गई। ‘ग्राम जी मुर्दाबाद’ नारे लगे तो भाजपा जिम्मेदार: चीमा मजदूरों के साइन फॉर्म सिर पर उठाकर सत्र में पहुंचे विधायक मनविंदर सिह ग्यासपुरा। आप प्रदेशाध्यक्ष अमन अरोड़ा ने केंद्र की ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) पर तीखा हमला बोला। अरोड़ा ने कहा, मजदूरों को मजदूरी नहीं मिलेगी तो वे काम पर कैसे आएंगे। देश के 15.5 करोड़ जॉब कार्डधारकों को 125 दिन रोजगार देने के लिए 6.70 लाख करोड़ चाहिए, जो देश के रक्षा बजट के बराबर है। केंद्र आगामी बजट में यह राशि देने का वादा करे तो स्कीम पर भरोसा करेंगे, वरना यह योजना सिर्फ गरीबों को बहलाने का जरिया है। यह कदम रोजगार का अधिकार छीनने जैसा : जी राम जी स्कीम के खिलाफ प्रस्ताव ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने सदन में पेश किया। सौंद ने कहा, केंद्र का यह कदम गरीब मजदूरों, महिलाओं और लाखों जॉब कार्डधारक परिवारों से गारंटीशुदा रोजगार का अधिकार छीनने जैसा है। अब दुकानदार भी राशन उधार नहीं देगा : मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा, मनरेगा से मजदूरों का कल्याण नहीं हुआ, लेकिन उसका लाभ भी बहुत हुआ है। पहले दुकानदार राशन उधार देता था, क्योंकि उसे पता था कि मनरेगा से मजदूरी मिलेगी तो पैसा मिल जाएगा। अब उन्हें पता लग गया कि अब इनकी नौकरी चली गई।‘जी राम जी’ स्कीम से भगवान का क्या लेना-देना : सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने कहा, जी राम जी स्कीम से भगवान राम का क्या लेना-देना, वह तो मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। एक शब्द में मुंह में राम-राम और हाथ में छुरी। पहली छुरी से महात्मा गांधी का दोबारा कत्ल कर दिया। दूसरी छुरी से स्कीम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए। केंद्र को चुनौती… अरोड़ा बोले- 6.70 लाख करोड़ का बजट लाओ तभी करेंगे ‘जी राम जी’ योजना पर यकीन, वरना यह योजना सिर्फ गरीबों को बहलाने का जरिया अश्वनी शर्मा हरपाल चीमा
आप को पारदर्शिता से चिढ़ क्यों, मंशा क्या है : अश्वनी
📅 Published: December 30, 2025 |
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