इकबाल महमूद बोले- मुसलमान देशभक्त था और रहेगा:संभल के सपा विधायक ने कहा- दिल्ली ब्लास्ट में मुसलमानों की बदनामी हुई, भारत कमजोर देश नहीं

📅 Published: November 22, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

संभल से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इकबाल महमूद ने बांग्लादेशी घुसपैठ और नागरिकता के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रणनीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले देश में ही रहेंगे और विदेशी बाहर जाएंगे, लेकिन इस मुद्दे पर सिर्फ मुसलमानों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है। विधायक ने जोर देकर कहा कि मुसलमान देशभक्त था, है और हमेशा देशभक्त रहेगा। विधायक इकबाल महमूद ने यह बात संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के मोहल्ला मियां सराय स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा केवल डर फैलाने का एक हथियार है। उन्होंने सवाल उठाया कि बांग्लादेशी यहां क्यों आएंगे, जब न उनकी कोई रिश्तेदारी है, न काम और न ही कोई जरूरत। यह मुद्दा सिर्फ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए उछाला जा रहा है और यह बीजेपी की वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। दिल्ली ब्लास्ट में मुस्लिम डॉक्टरों के नाम सामने आने पर विधायक इकबाल महमूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो देश के खिलाफ है, वह मुसलमान हो ही नहीं सकता। कुछ दहशतगर्दों की हरकतों से पूरा मुस्लिम समुदाय बदनाम होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत कमजोर नहीं है और देश के खिलाफ जाने वाले बर्बाद हो जाएंगे, उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। इकबाल महमूद ने यह भी कहा कि देश का मुसलमान न डरा है और न डरेगा। उन्होंने दोहराया कि भारतीय मुसलमान हमेशा राष्ट्रभक्त रहा है और रहेगा। विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि नफरत की राजनीति हमेशा नहीं चलेगी, जनता एक दिन जागेगी, सच की जीत होगी और देश की एकता फिर से मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की राजनीति एक दिन करवट जरूर लेगी। विधायक ने कहा कि 85 करोड़ लोगों को मिल रहे सरकारी राशन पर भी बीजेपी को कटघरे में खड़ा किया कहा कि राशन में तो कोई धर्म नहीं देखा जाता है, संविधान कहां कहता है कि हिंदू को मिलेगा और मुसलमान को नहीं? संविधान को छोड़कर राजनीति का चश्मा पहन लिया है। 2014 के बाद बढ़ती धार्मिक राजनीति पर उन्होंने सीधा हमला बोला कहा कि 2014 के बाद से नफरत की राजनीति शुरू हुई है। वरना इस देश में हिंदू-मुसलमान एक परिवार की तरह रहते आए हैं। उन्होंने इलाहाबाद कुंभ की भगदड़ का उदाहरण देकर नफरत फैलाने वालों को आईना दिखाया कहा कि जब कुंभ में भगदड़ मची, मुसलमानों ने अपने घर खोले, खाना दिया, मस्जिदें और मदरसे खोल दिए। वहां कौन सा हिंदू-मुसलमान था? वहां सिर्फ इंसानियत थी।

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