इजराइल के खिलाफ एकजुट हुए 21 मुस्लिम देश:सोमालीलैंड को मान्यता देने पर विरोध; कहा- इससे पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा को खतरा

📅 Published: December 28, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

इजराइल ने 26 दिसंबर को सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी। इजराइल ऐसा करने वाला पहला देश बन गया है। इजराइल के फैसले के बाद से मुस्लिम देशों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर के 21 देशों ने इस फैसले के खिलाफ साझा बयान जारी कर विरोध जताया है। सोमालीलैंड अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में स्थित है। इस देश ने 1991 में सोमालिया से आजादी की घोषणा की थी और तब से अंतरराष्ट्रीय मान्यता की कोशिश कर रहा था। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही के साथ संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए। सोमालीलैंड के राष्ट्रपति ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि यह फैसला मध्य पूर्व और अफ्रीका में शांति और समृद्धि को बढ़ावा देगा। पांच प्वाइंट में मुस्लिम देशों ने विरोध जताया इजराइल के खिलाफ जॉर्डन, मिस्र, अल्जीरिया, कोमोरोस, जिबूती, गाम्बिया, ईरान, इराक, कुवैत, लीबिया, मालदीव, नाइजीरिया, ओमान, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, तुर्किये, यमन ने विरोध जताया है। इसके साथ ही ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ने भी बयान जारी कर आपत्ति दर्ज करवाई है। बयान में पांच प्वाइंट में बातें कही गई हैं। अफ्रीकी संघ बोला- यह सोमालिया की संप्रभुता पर हमला है कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इजराइल के कदम का कड़ा विरोध किया है। अरब लीग, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), अफ्रीकी संघ (AU) और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने इजराइल के कदम को सोमालिया की संप्रभुता पर हमला बताया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने कहा कि सोमालीलैंड सोमालिया का अभिन्न हिस्सा है और इस तरह की मान्यता शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक हो सकती है। अरब लीग के महासचिव अहमद अबूल गीत ने इसे राज्यों की एकता के सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन बताया जबकि GCC ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने वाला खतरनाक कदम कहा। OIC ने कई मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों के साथ संयुक्त बयान जारी कर इजराइल की निंदा की और सोमालिया की संप्रभुता का पूरा समर्थन जताया। सोमालिया बोला- इजराइल इस मान्यता को तुरंत वापस ले सोमालिया की सरकार ने इजराइल के फैसले को अपनी संप्रभुता पर जानबूझकर किया गया हमला बताया और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा करार दिया। सोमालिया ने इजराइल से मान्यता तुरंत वापस लेने की मांग की है। यूरोपीय संघ ने सोमालिया की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की अपील की। दूसरी ओर, सोमालीलैंड में इस फैसले का जोरदार स्वागत हुआ और लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मना रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, सोमालीलैंड को भी मान्यता देने के सवाल पर ट्रम्प ने कहा कि वो अभी ऐसी कोई योजना नहीं बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “क्या वास्तव में कोई जानता है कि सोमालीलैंड क्या है?” सोमालीलैंड को अपना हिस्सा मानता है सोमालिया सोमालीलैंड और सोमालिया के बीच मुख्य विवाद सोमालीलैंड की स्वतंत्रता और अलगाव को लेकर है। सोमालीलैंड (उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र) ने 1991 में खुद को स्वतंत्र गणराज्य घोषित किया, लेकिन सोमालिया इसे अपना अभिन्न अंग मानता है और किसी भी अलगाव को अस्वीकार करता है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… गडकरी हमास चीफ की हत्या से पहले उनसे मिले थे: ईरानी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में मुलाकात हुई, कुछ घंटे बाद इजराइल ने मार दिया केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व हमास चीफ इस्माइल हानिया से उनकी मौत से कुछ घंटे पहले ही मुलाकात की थी। उन्होंने यह जानकारी हाल ही में एक बुक लॉन्चिंग ईवेंट के दौरान दी। पूरी खबर पढ़ें…

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