इटावा में कांग्रेस पार्टी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता पल्लव दुबे और उनके साथ आठ अन्य नेताओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राजद्रोह सहित गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे पर स्टे मिल गया है। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय मिश्रा ने पैरवी की। पूर्व कांग्रेस शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे ने बताया कि यह मामला वर्ष 2017 का है। उनके खिलाफ एक “फर्जी मुकदमा” दर्ज कराया गया था, जिसमें पुलिस ने उन पर राजद्रोह, 153बी, 147, 188 और 332 आई.पी.सी. जैसी गंभीर धाराएं लगाई थीं। दुबे के अनुसार, पुलिस ने बिना साक्ष्यों के मनगढ़ंत चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके आधार पर न्यायालय ने उनके और उनके साथियों के विरुद्ध वारंट जारी किए थे। इन परिस्थितियों के चलते उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा। न्यायालय ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए स्टे आदेश पारित किया, जिससे उन्हें और उनके साथियों को बड़ी राहत मिली है। स्टे मिलने के बाद पल्लव दुबे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में जनहित के मुद्दे उठाना और जनता की आवाज बनना अब राजद्रोह जैसा अपराध माना जाने लगा है। दुबे ने जोर देकर कहा कि विरोध दर्ज कराना लोकतंत्र का मूल अधिकार है, लेकिन सरकार इसे दबाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, विपक्ष की आवाज को रोकने के लिए राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे थोपे जा रहे हैं, ताकि सरकार के खिलाफ कोई बोल न सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चाहे जितना दमन कर ले, कांग्रेस जनहित के मुद्दों को उठाने से पीछे नहीं हटेगी। लोकतंत्र में आवाज उठाना अपराध नहीं, बल्कि नागरिक अधिकार है और कांग्रेस इस अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिला यह स्टे आदेश जिला कांग्रेस खेमे में उत्साह भरने वाला माना जा रहा है।
इटावा कांग्रेस नेताओं को हाईकोर्ट से बड़ी राहत:राजद्रोह समेत गंभीर धाराओं पर मिला स्टे
📅 Published: November 22, 2025 |
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