इलाहाबाद विश्वविद्यालय को नैक पुनर्मूल्यांकन में मिला ए+ ग्रेड:कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने पूरे स्टाफ को दी बधाई, सभी का सहयोग रहा

📅 Published: November 27, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की ओर से किए गए पुनर्मूल्यांकन में ए+ ग्रेड हासिल किया है। नैक की ओर से गुरुवार को नैक ग्रेडिंग की सूचना विश्वविद्यालय को प्राप्त हुई। कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शाम को चले कायाकल्प कार्यक्रम में विश्वविद्यालय स्टाफ को यह जानकारी कुलपति ने खुद दी। इविवि को इससे पहले बी++ ही ग्रेड प्राप्त था। 13 अक्टूबर को हुआ था नैक टीम का दौरा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की गुणवत्ता यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में 13 अक्टूबर को नैक पीयर टीम का पुनः दौरा हुआ। एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय के वरिष्ठ कुलपति और अनुभवी वरिष्ठ शिक्षाविदों की टीम ने इस विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों, शोध उत्पादन, संचालन व्यवस्था एवं सुशासन संरचनाओं की विस्तृत समीक्षा की थी। इसमें यह उपलब्धि हासिल हुई। यह उपलब्धि उस प्रारंभिक नैक मूल्यांकन के बाद आई है, जो 27 से 29 मई 2025 के बीच हुआ था और जिसमें विश्वविद्यालय को ए ग्रेड प्राप्त हुआ था। हालांकि वह उपलब्धि प्रशंसनीय थी, लेकिन विश्वविद्यालय नेतृत्व ने इसे एक शुरुआती चरण माना, न कि अंतिम लक्ष्य। संभावनाओं को और साकार करने की दृढ़ इच्छा से नैक ने तुरंत पुनर्मूल्यांकन को के लिए आवेदन किया और लक्षित सुधारों में संसाधन लगाए। बोलीं, कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव इस उपलब्धि पर इविवि की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि ए-ग्रेड एक मजबूत आधार था, पर हमारा लक्ष्य उससे आगे था। यह पुनर्मूल्यांकन केवल प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि वैश्विक मानकों के अनुरूप स्वयं को ढालने का हमारा संकल्प था। इस सफलता के पीछे इविवि के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) और नैक रिपोर्ट तैयार करने वाली समिति का अथक परिश्रम रहा। प्रो. मनोज कुमार की अध्यक्षता में समिति ने विस्तृत रूप से सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) तैयार की, डेटा का सत्यापन किया, हितधारकों से संवाद किया और मॉक मूल्यांकन आयोजित किए। पाठ्यक्रम नवाचार, शोध पारिस्थितिकी, समावेशन प्रयासों, डिजिटल अवसंरचना आदि हर पहलू की समीक्षा कर उसमें सुधार किया गया। प्रो. कुमार के नेतृत्व ने फीडबैक प्रणालियों को सहजता से एकीकृत करते हुए चुनौतियों को विकास के अवसरों में बदला।

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