उद्यमियों ने फिर उठाया बंद कट का मुद्दा:कमिश्नर ने अधिकारियों की टीम बनाई; मौके का निरीक्षण कर जानेंगे समस्या

📅 Published: November 27, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

आयुक्त सभागार में गुरुवार की शाम कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक हुई। उद्यमियों ने समस्याओं से कमिश्नर को अवगत कराया। सहजनवा में हाईवे पर कट बंद होने के कारण होने वाली परेशानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। उद्यमियों ने कहा कि कट बंद होने से उन्हें लंबी दूरी तय कर आना-जाना पड़ता है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की टीम बनाई है।
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, एसपी सिटी अभिनव त्यागी व गीडा के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे व्यापारियों के साथ सड़क का निरीक्षण करें। कट बंद होने से हो रही परेशानी को समझें और उसका समाधान निकालने का उपाय ढूंढें। बैठक में कॉमन एन्फ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की स्थापना का मामला भी उठाया गया। बैठक में बताया गया कि सीईटीपी की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। इसका डीपीआर नए सिरे से तैयार कर नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा (एनएमसीजी) को भेजा जा चुका है। कमिश्नर ने गीडा क्षेत्र के उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए समय अवधि के संबंध में अपने सुझाव के लिए ड्राफ्ट उद्यमियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि इंडस्ट्रियल इंवेस्टमेंट एंड इम्प्लायमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2017 के अंतर्गत श्री सिद्धेश्वरी उद्योग की ओर से प्रस्तुत सब्सिडी आवेदन काफी समय से लंबित है। आवेदन पर अभी तक न तो कोई प्रगति दिखाई दी है और न ही सब्सिडी राशि का वितरण किया गया है। उद्योगों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई उद्योगों को लगातार आंशिक बिल प्राप्त हो रहा है। उद्यमी की ओर से भुगतान करने के बाद भी समय से सिस्टम में अपडेट नहीं हो रहा। जिसके कारण बिल में बकाया दर्शाया जाता है। जिससे अनावश्यक लेट पेमेंट चार्ज लगता है। उन्होंने कहा कि बिजली निगम की ओर से सुरक्षा धनराशि पर ब्याज देने का प्रावधान लेकिन विनायक उद्योग का 2019 से 2024 तक का ब्याज अभी तक समायोजित नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधीक्षण अभियंता को छह बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंडलायुक्त ने सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

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