एसआईआर के दबाव में इंटर कालेज के प्रवक्ता की मौत:डेटा फीडिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे टीचर अजय अग्रवाल, लगातार बढ़ रहा दबाव

📅 Published: December 2, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

एसआईआर SIR (Special Intensive Revision) के दबाव से लगातार BLO की मौत हो रही है। बरेली में एक और टीचर की SIR के दबाव के चलते मौत हो गई, जिससे उनके परिवार में कोहराम मच गया। बरेली के एमबी इंटर कालेज में तैनात 51 साल के प्रवक्ता अजय अग्रवाल को ब्रेन हेमरेज हुआ। इससे उनके दिमाग की दोनों नसें फट गईं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बीती रात अचानक बिगड़ी तबीयत
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नैनीताल रोड पर स्थित मनोहर भूषण इंटर कालेज में अजय अग्रवाल 1991 से कार्यरत थे।
कर्मचारी नगर के गली नंबर 7 निवासी अजय अग्रवाल के बेटे प्रखर अग्रवाल ने बताया कि सोमवार रात साढ़े 11 बजे पापा SIR का काम कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत खराब हो गई। वे बेड से उठ भी नहीं पा रहे थे। हम लोग फौरन उन्हें मिनी बाईपास स्थित प्रताप हॉस्पिटल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद हम लोग गंगाशील हॉस्पिटल पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों ने कहा कि इन्हें कहीं और ले जाइए। इसके बाद प्रखर अपने पापा को SRMS मेडिकल कालेज ले गए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। टीचर के परिवार में एक बेटा और पत्नी
उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। टीचर अजय अग्रवाल की मौत की सूचना प्रशासन को दी गई। जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट और SDM उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। दोपहर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अजय अग्रवाल के परिवार में उनका इकलौता 23 साल का बेटा प्रखर और पत्नी रानी अग्रवाल हैं। उनकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है। काम का प्रेशर नहीं झेल पाए
प्रखर ने बताया कि पापा को SIR के काम में डाटा फीडिंग की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि उन्हें एंड्रॉयड मोबाइल तक चलाना नहीं आता, और इस डाटा को कंप्यूटर पर कैसे अपलोड करेंगे। इसके बावजूद अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी। जब काम करने में परेशानी होती थी तो अधिकारी फटकार लगाते थे। प्रखर ने बताया कि काम का अधिक प्रेशर पापा नहीं झेल सके। वो घर पर कहते थे कि बहुत ज्यादा काम हो गया है, मुझे कंट्रोल नहीं मिल रहा है। पत्नी ने सरकार से लगाई गुहार
पत्नी रानी अग्रवाल ने कहा कि मेरे पति की SIR के काम की वजह से जान चली गई। अब हम लोग क्या करेंगे और कहां जाएंगे। किससे जाकर अपना दुखड़ा कहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह से लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए। रानी अग्रवाल ने बेटे के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है।

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