कनाडा में भारत सरकार लिए काम कर रहा बिश्नोई गैंग:विदेशी मीडिया का दावा, खालिस्तान समर्थक नेताओं को निशाना बनाने का आरोप

📅 Published: January 14, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की एक गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत का कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनाडा में भारतीय सरकार के लिए काम कर रहा है। यह दावा विदेशी मीडिया द्वारा किया जा रहा है। ग्लोबल न्यूज द्वारा प्रसारित खबर के अनुसार, लारेंस गैंग का भारत द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्लोबल न्यूज के अनुसार, RCMP की राष्ट्रीय सुरक्षा शाखा द्वारा तैयार इस तीन पन्नों की रिपोर्ट में बिश्नोई गैंग को हिंसक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन बताया गया है, जिसकी कनाडा समेत कई देशों में लगातार बढ़ती मौजूदगी है। रिपोर्ट में कई बार इस गैंग के भारत सरकार से कथित संबंधों का उल्लेख किया गया है। उगाही, ड्रग तस्करी और सुपारी किलिंग में शामिल RCMP के अनुसार, बिश्नोई गैंग किसी राजनीतिक या धार्मिक विचारधारा से नहीं, बल्कि लालच से प्रेरित होकर काम करता है। यह गैंग उगाही, ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे अपराधों में लिप्त है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, यह गिरोह अपने आपराधिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करता है और भारतीय सरकार की ओर से काम करता है। निज्जर हत्याकांड का जिक्र RCMP की रिपोर्ट में 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में मारे गए खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख है। निज्जर को भारत सरकार ने आतंकी घोषित कर रखा था। हत्या के तीन महीने बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कहा था कि कनाडा भारतीय सरकारी एजेंटों की संभावित भूमिका की जांच कर रहा है। मई 2024 में इस मामले में चार संदिग्ध शूटर गिरफ्तार किए गए थे। भारतीय एजेंटों पर संगठित अपराध गिरोहों के इस्तेमाल का आरोप रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय सरकार के एजेंट कनाडा में खालिस्तान समर्थक नेताओं को निशाना बनाने के लिए बिश्नोई जैसे संगठित अपराध गिरोहों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सितंबर 2023 में मेनिटोबा के विन्निपेग में मारे गए सुखदूल सिंह की हत्या का भी जिक्र रिपोर्ट में है। RCMP के अनुसार, इस हत्या की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली थी। सिख संगठनों का विरोध वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कनाडा ने आरोप लगाया है कि कनाडा सरकार राजनीतिक और व्यापारिक हितों के चलते इस मुद्दे को दबा रही है। संगठन के प्रवक्ता बलप्रीत सिंह ने कहा कि इससे कनाडाई नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। हालांकि, सिख संगठनों ने भारत के साथ नजदीकी बढ़ाने का विरोध किया है। पहले ही आतंकी संगठन घोषित गौरतलब है कि, बढ़ती उगाही और गोलीबारी की घटनाओं के बीच कनाडा सरकार ने पिछले साल सितंबर में बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया था, हालांकि उस अधिसूचना में भारत सरकार का कोई उल्लेख नहीं था। जेल से गैंग चला रहा बिश्नोई RCMP के मुताबिक, बिश्नोई गैंग की शुरुआत भारत के पंजाब में छात्र राजनीति से हुई थी। गिरोह का सरगना लॉरेंस बिश्नोई 2015 से भारत में जेल में बंद है, लेकिन वह जेल से ही गैंग का संचालन कर रहा है।

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