महाशिवरात्रि पर जहां पूरा देश शिवभक्ति में डूबा है, वहीं कानपुर की युवा कलाकार और एंटरप्रेन्योर हर्षिता शर्मा ने अपनी कला से श्रद्धा का अनोखा स्वरूप प्रस्तुत किया है। उन्होंने नदी किनारे मिलने वाले साधारण कंकड़-पत्थरों पर भगवान शिव और माता पार्वती की बेहद खूबसूरत और जीवंत तस्वीर उकेरी है। उनकी यह विशेष कलाकृति सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। ‘रॉक शाउटर’ नाम से अपने वेंचर के जरिए हर्षिता पत्थरों पर भावनाओं को आकार देने का काम कर रही हैं। बचपन के शौक को बनाया पहचान हर्षिता बताती हैं कि बचपन में कंकड़ बटोरने का जो शौक था, वही आज उनकी पहचान और आजीविका का जरिया बन गया है। जिन पत्थरों को लोग अनदेखा कर देते हैं, उनमें वह कला की संभावनाएं तलाशती हैं। वह पत्थरों पर पोर्ट्रेट, वॉल आर्ट, की-चेन और फ्रिज मैग्नेट जैसे कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स बनाती हैं। दो दिन में तैयार हुआ शिव-पार्वती पोर्ट्रेट महाशिवरात्रि के अवसर पर बनाई गई इस कलाकृति को तैयार करने में करीब दो दिन का समय लगा। पत्थर का आकार छोटा होने के कारण चेहरे के हाव-भाव और बारीक डिटेल्स उकेरना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उनकी एकाग्रता और बारीकी ने इसे जीवंत बना दिया। हर्षिता कहती हैं कि छोटे माध्यम पर काम करते समय हर स्ट्रोक सोच-समझकर लगाना पड़ता है। पीएम मोदी और रतन टाटा की कहानी भी उकेरी हर्षिता की कला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने पीएम मोदी की जीवन यात्रा को 101 पत्थरों पर उकेरकर सराहना पाई थी। साथ ही उद्योगपति रतन टाटा की जीवनी को भी पत्थरों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी कृतियां सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। हजारों को सिखाया हुनर हर्षिता अब तक एक हजार से अधिक लोगों को यह कला सिखा चुकी हैं। उनके कई विद्यार्थी इस हुनर के जरिए अपना व्यवसाय भी चला रहे हैं। कलाकार से एंटरप्रेन्योर तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। महाशिवरात्रि पर तैयार की गई शिव-पार्वती की यह कलाकृति उनके कला-समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था का प्रतीक है।
कलाकार हर्षिता ने पत्थरों पर रची शिव-पार्वती की जीवंत छवि:कानपुर में नदी किनारे के कंकड़ों पर बनाया; बोलीं- बचपन के शौक को बनाया पहचान
📅 Published: February 15, 2026 |
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