कलात्मक ज्ञान आैर एआई के इस्तेमाल से बनाए 42 गाने

📅 Published: February 4, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

पहले सभी एआई के आने से डरते थे। अब हम सभी उसी की दुनिया में हैं तो भी इसके नुकसान के बारे में ज्यादा सोच रहे हैं। असल में तो इसके नुकसान से ज्यादा कई फायदे हैं, जिसकी मदद से हम कलाकार बहुत कुछ अपना क्रिएट कर सकते हैं। मैं अभी तक एआई की मदद से 42 गाने बना चुका हूं। गाने मेरे अपने हैं, लेकिन वीडियो आैर आवाज़ एआई की है। यह बताया शहर के कलाकार तरसेम सिंह सिद्धू ने। हाल ही में इन्होंने एक नया पंजाबी गाना एआई से तैयार किया है। इसके बोल हैं- दिल तोड़ के ना जा वे, ए रब देखदा है। मैंनू कल्ली रौंदी नूं, सारा जग देखदा है… यह गाना वेलेंटाइन से कुछ दिन पहले लाने का एक मकसद यह भी है कि युवा सच्ची मोहब्बत को ध्यान में रखें क्योंकि मोहब्बत सच्ची ही होती है। उसमें कोई हेरा-फेरी मंज़ूर नहीं। इस गाने को एआई से तैयार करने को लेकर बताया – इस गाने को मैंने खुद लिखा है आैर इसके म्यूजिक की कंपोज़ीशन भी खुद तैयार की। उसी तर्ज पर सही तरीके से गाना आैर सही आवाज़ में गाने को लेकर मैं एआई को कमांड देता गया। 24 बार गाने को तैयार किया आैर तब जाकर जो मुझे चाहिए था, वैसा गाना एआई ने बनाकर दिया। उसे लगातार कमांड देने की ज़रूरत होती है आैर फिर खुद से टेक्निकल बातों को चेक करना होता है। यूं तो मेरे कई गीतों को लोगों ने गाया है, कॉमर्शियल गाना तारा टुटदा भी बना। ढाई सौ से ऊपर गाने लिखे हैं। मगर दस-ग्यारह साल पहले लिखे इन गीतों को डायरेक्टर आदि ही नहीं मिले। एक दोस्त ने एआई के बारे में बताया तो मैंने ट्राई किया आैर रिजल्ट काबिल-ए-तरीफ है। एआई मुफ्त का चलता-फिरता म्यूजिक स्टूडियो है, जिसमें हम अपने हिसाब से गाने को गवा सकते हैं। अगर किसी को म्यूजिक की ज्यादा जानकारी नहीं, तो भी यह इसके बारे में गहराई से समझा देता है। एआई से गाने लव फॉर पंजाब, वॉकिंग विद यू, मेरियां गल्लां, जान, लोए लोए बनाए हैं। बोले- तकनीक को अपने इमोशंस के मुताबिक कैसे इस्तेमाल करना है, यह हमारे ऊपर निर्भर करता है। मैं तो हैरान था जब मैंने इसे पहली बार चलाया। गाने के बोल टाइप करते ही एआई को यह समझ आ जाता है कि इसे फीमेल या मेल वॉएस देनी है। उसे पता होता है कि गाने को किस जॉनर में ढाला जा सकता है या फिर कौन-सा म्यूजिक उसके लिए सही रहेगा। एक मिनट से भी कम समय में गाना बनकर हमें मिल जाता है। उसमें क्या बदलाव लाने हैं यह हम पर निर्भर करता है। Interaction _photocaption_तकनीक को इस्तेमाल करना आना चाहिए*photocaption*

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