कश्मीर में बनी दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग:अल-फलाह तैयारी और नूंह छिपने के लिए चुना, एजेंसियों ने मॉड्यूल पकड़ा तो उमर सुसाइड बॉम्बर बना

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले वाइट कॉलर फरीदाबाद मॉड्यूल की प्लानिंग बेहद खतरनाक थी। जांच एजेंसियों ने कश्मीर से लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी और नूंह के रास्ते दिल्ली में किए गए ब्लास्ट की पूरी साजिश क्रैक की है। फरीदाबाद मॉड्यूल के संपर्क में आए एक हजार से ज्यादा लोगों से पूछताछ के बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को चौकाने वाली जानकारी मिली है। जिसके बाद तार जोड़कर चेन बनाई गई तो पता चला कि फरीदाबाद मॉड्यूल को सुसाइड बॉम्बर से लेकर ड्रोन और लोन वुल्फ अटैक करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस मॉड्यूल को कश्मीर में खड़ा किया गया और धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस को अपना प्लानिंग सेंटर बनाया। डॉक्टरों को जोड़ने का प्लान इस मॉड्यूल के गठन के दौरान ही तय हो गया था। जानिए क्या था फरीदाबाद मॉड्यूल का खतरनाक प्लान……. जानिए फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल कैसे पकड़ा गया स्लीपर सपोर्ट के लिए नूंह का इस्तेमाल
इन्वेस्टिगेशन से जुड़े एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक अब तक की जांच में पता चला है कि फरीदाबाद मॉड्यूल ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के आसपास के क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और स्टोरेज सेंटर बनाया तो नूहं जिले में विस्फोटक एसेंबलिंग और छिपने के लिए स्लीपर सपोर्ट लेने का प्लान बनाया था। यहां से निकलने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, कुंडली मानेसर एक्सप्रेसवे, दिल्ली-आगरा हाईवे के माध्यम से दिल्ली-NCR के साथ साथ ऐतिहासिक शहरों से सीधी कनेक्टिविटी थी। यहां पर आने जाने वालों की जांच भी बहुत कम होती है। यूनिवर्सिटी की मस्जिद के मौलवी इश्तियाक को साथ लाना और फिर डॉ. उमर के नूंह में छिपना इसी स्ट्रेटजी का हिस्सा माना है। पहला प्रोफेशनल वुमेन टेरर नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, फरीदाबाद मॉड्यूल के व्हाइट-कॉलर टेरर ग्रुप ने यूनिवर्सिटी को बेस बनाकर पहला प्रोफेशनल वुमेन टेरर नेटवर्क खड़ा करने की योजना बनाई। डॉ. शाहीन सईद को इसका हेड बनाया गया। इसके तहत वुमेन स्टूडेंट्स का ब्रेनवॉश कर IED असेंबली, रेकी और सुसाइड अटैक के लिए तैयार करने था। ये भी पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद ने इसी साल अक्टूबर में पाकिस्तान के बहावलपुर जमात-उल-मोमिनात का गठन किया था और मसूद अजहर की भाभी सादिया अजहर को इसका हेड बनाया। जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को रिक्रूट किया। इसी तरह भारत में इस आइडिया पर काम करने के लिए डॉ. शाहीन सईद को जिम्मेदारी दी गई थी। 400 जगहों पर सर्चिंग, 1 हजार से पूछताछ, 73 गवाहों ने कन्फर्म किया
जांच एजेंसियों ने 18 अक्टूबर को कश्मीर में पोस्टर मिलने के बाद से करीब 400 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाकर एक हजार से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान 73 गवाहों से फरीदाबाद के मॉड्यूल को लेकर कन्फर्म किया। यूनिवर्सिटी से जुड़े 200 लाेगाें को भी रडार पर लिया गया। जिनसे काफी अहम जानकारियां जांच एजेंसियों को मिली।

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *