कानपुर देहात में तहसीलदार और जिला कृषि अधिकारी ने खेतों में जलती पराली को बुझाया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशों के बाद की गई है, जिन्होंने पराली जलाने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विकास खंड सरवनखेड़ा के कुर्वा खुर्द गांव में एक किसान द्वारा पराली जलाने की सूचना मिली थी। इस पर नायब तहसीलदार पवन कुमार सिंह और जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में मदद की। इसी क्रम में, अकबरपुर तहसील क्षेत्र के खरका गांव में किसान प्रमोद मिश्रा के खेत में बिना एसएमएस (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) कंबाइन हार्वेस्टर चलाने वाले जालौन जिले के कदौरा निवासी आशिफ पुत्र इमाम पर कार्रवाई की गई। उनके हार्वेस्टर को सीज कर दिया गया है। अधिकारियों ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और इसके लिए निर्धारित जुर्माने के बारे में बताया। नियमों के अनुसार, दो एकड़ से कम क्षेत्र में पराली जलाने पर 5,000 रुपये, दो से पांच एकड़ में 10,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में 30,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में पराली न जलाएं, क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता और कृषि मित्र कीटों को नुकसान होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो किसान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें किसान सम्मान निधि और कृषि से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। संपन्न किसानों से पराली को निराश्रित गौशालाओं में दान करने का भी आग्रह किया गया।
कानपुर देहात में तहसीलदार ने खेतों में जलती पराली बुझाई:डीएम बोले-नियम तोड़ने पर किसान सम्मान निधि, कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा
📅 Published: November 20, 2025 |
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