कानपुर देहात के सरवनखेड़ा और झींझक विकासखंडों में खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में सभी सदस्यों ने भाग लिया। ब्लॉक सरवनखेड़ा में हुई बैठक के दौरान जिला मिशन समन्वयक विमल सचान ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य लड़कियों के प्रति सामाजिक मानसिकता में बदलाव लाना, उनके अस्तित्व और सुरक्षा को सुनिश्चित करना तथा शिक्षा के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाना है। इन बैठकों का उद्देश्य बालिकाओं के घटते लिंगानुपात में सुधार करना, उन्हें भेदभाव से बचाना और शिक्षा तक उनकी पहुंच मजबूत करना है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें। वहीं, ब्लॉक झींझक में खंड विकास अधिकारी सतीश चंद ने मिशन वात्सल्य योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और कल्याण पर चर्चा की जाती है। इसमें कमजोर बच्चों की पहचान करना, उन्हें देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाली हर परिस्थिति में सहायता देना, गोद लेना, दत्तक ग्रहण, पालक देखभाल और वित्तीय सहायता देना शामिल है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। बैठकों में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान और दहेज निषेध अधिनियम 1961 की विस्तृत जानकारी भी दी गई। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, चाइल्ड हेल्प लाइन और घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को आर्थिक एवं कानूनी सहायता आदि के बारे में भी बताया गया। इन बैठकों में खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय से जिला मिशन समन्वयक, लेखा सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकत्री और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कानपुर देहात में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ टास्कफोर्स बैठकें आयोजित:लड़कियों की सामाजिक मानसिकता, सुरक्षा और शिक्षा पर जोर; लिंगानुपात सुधारना लक्ष्य
📅 Published: December 2, 2025 |
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