जिले के अमानीगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत बकचुना के ग्रामीणों ने मां कामाख्या धाम मार्ग में बदलाव के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार को सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्तावित मार्ग को कुछ ‘विरोधी तत्वों’ द्वारा बदला जा रहा है, जिससे उन्हें असुविधा होगी। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि शासन द्वारा मां कामाख्या धाम के लिए प्रस्तावित मार्ग बकचुना गांव से होकर गुजरना था। इस मार्ग पर गांव के अंदर 400 मीटर आरसीसी सड़क भी स्वीकृत की गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि अब कुछ लोग लोक निर्माण विभागको गुमराह कर मार्ग को दूसरी तरफ से निकलवाना चाहते हैं, जहां आबादी बहुत कम है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि मार्ग दूसरी तरफ से निकाला जाता है, तो उन्हें भारी असुविधा होगी और वे सड़क सुविधा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने लगभग छह माह पहले गांव के दोनों तरफ जेसीबी मशीन लगाकर खुदाई की थी, लेकिन बाद में मिट्टी नहीं डाली गई। पवन शुक्ला का कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिया जा रहा है कि मार्ग उनके गांव से ही गुजरेगा, लेकिन इसके विपरीत दूसरी तरफ से मार्ग की खुदाई की जा रही है। उन्होंने कई बार तहसील दिवस में भी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और केवल आश्वासन ही मिलता रहा। जिस वैकल्पिक मार्ग की खुदाई की जा रही है, वह काश्तकारों के खेतों और वन विभाग की भूमि से होकर गुजरता है। ग्रामीणों ने एक जनप्रतिनिधि पर आरोप लगाया है कि वे दूसरे क्षेत्र में निवास करते हुए भी मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह जनप्रतिनिधि बकचुना गांव के ब्राह्मण बहुल होने के कारण वहां से मार्ग नहीं निकलवाना चाहते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बकचुना गांव के मुख्य मार्ग पर आज भी कीचड़ युक्त पानी भरा रहता है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।ज्ञापन पर पवन शुक्ला, उमाशंकर तिवारी, मयंक शुक्ला, अजय कुलदीप कुमार, पवन कुमार, आनंद कुमार, रत्नेश तिवारी सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं।
कामाख्या धाम का रास्ता बदलने का विरोध:मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, हस्तक्षेप की मांग
📅 Published: November 28, 2025 |
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