किसानों, खेतिहर मजदूरों की मांग को लेकर प्रदर्शन:कानपुर जिलाधिकारी कार्यालय में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा

📅 Published: November 26, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

देश के किसानों और खेतिहर मजदूरों की प्रमुख मांगों को लेकर राष्ट्रपति महोदया को एक ज्ञापन भेजा गया है। यह ज्ञापन कानपुर, के जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली को प्रेषित किया गया है। इस ज्ञापन में उन महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया है जो देश भर के किसानों और खेतिहर मजदूरों के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। इसमें उनकी विभिन्न मांगों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है, जिनका लक्ष्य उनके कल्याण और आजीविका में सुधार लाना है। ज्ञापन में राष्ट्रपति महोदया से इन मांगों पर तत्काल और प्रभावी प्रशासनिक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन भेजने वालों ने उम्मीद जताई है कि इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ये प्रमुख मांगे रखी गईं है … 1. केन्द्र सरकार द्वारा 09/12/2021 को संयुक्त किसान मोर्चा से किए गए लिखित समझौते को पूरा किया जाए स. सभी फसलों की स्वामी नाथन आयोग के अनुरूप अर्थात लागत का डेढ़ गुना एमएसपी तय कर खरीद की गारण्टी कानून बनाया जाए। 2. किसानों और खेत मजदूरों के सम्पूर्ण ऋण, माइक्रोफाइनेंस सहित माफ किए जाए, किसानों के लिए व्याजमुक्त ऋण योजना लागू करने हेतु आर बी आई अधिशेष को नबाई हस्तांतरित करे। 3. सरकार द्वारा 2006 में प्रबंध नगर योजना लागू की गई थी, जिसमें योजना से प्रभावित किसान भाईयों के जमीन की रजिस्ट्री 2019 से प्रतिबंध लगा दिया गया था, इस योजना पर संबंधित क्षेत्र किसान भाई आर्थिक रूप से बहुत ही परेशान हैं, इस योजना को तत्काल शुरू कराया जाए, और इस योजना के बगल में नैमिष नगर योजना सरकार द्वारा शुरू की गई है, प्रबंध नगर योजना के किसान भाईयों को भी नैमिष नगर योजना के समकक्ष सर्किल रेट दिया जाए। 4. केन्द्रीय बजट में काटी गई 87 हजार करोड़ की उर्वरक सब्सिडी को बहाल करें। काला बाजारी समाप्त कर उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करें। 5. किसान और खेत मजदूरों को वृद्धावस्था पेंशन के रूप में 10 हजार रूपया प्रतिमाह प्रदान किया जाए। 6. किसानों की भूमि अधिग्रहण करते समय भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रवधानों को सुनिश्चित करते हुए उचित मोआवजा, पुनर्वास पुनस्थापना, नौकरी आदि लाभों एवं भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों की सहमति लेना अनिवार्य किया जाए, यदि सहमति बनती है तो भूमि बैनामा की बजाय अधिग्रहण से ली जाए। 7. बख्शी का तालाब स्थित नैमिष नगर योजना के अंतर्गत एलडीए द्वारा किसानों की जमीन को हड़पने की नीति पर सरकार द्वारा तत्काल रोक लगायी जाए। 8. बिजली एवं सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद हो बिजली विधेयक 2025 निरस्त किया जाए। 9. बिजली के स्मार्ट-प्रीपेड मीटर बंद करो। बिजली दरों में प्रस्तावित मुल्य वृद्धि वापस लो। 10. टाटा मोटर्स देवा रोड चिनहट के किसानों की भूमि अधिग्रहण मामले में मुआवजा एवं प्रति पट्टा प्रति व्यक्ति की पक्की नौकरी के वादों को पूरा किया जाए। 11. औद्योगिक क्षेत्र उमरा बाराबंकी में UPSIDC के द्वारा किसानों की जमीन के अधिग्रहण के समय किए गए वादे हर परिवार को एक नौकरी एवं दुकान सहित क्षेत्र के विकास के वादे को पूरा करो। ग्रेटर नोएडा के तर्ज पर किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा दिया जाए। 12 .नगर निगम के दायरे में आने वाले नए इलाकों में सड़क, नाली, खड़जा, पार्क, पीने के शुद्ध जल, मार्ग प्रकाश एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए

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