कुशीनगर जिले के कप्तानगंज स्थित कान्हा गौशाला में गुरुवार को गौ-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने अचानक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई दैनिक भास्कर की उस पड़ताल के बाद हुई, जिसमें खुलासा हुआ था कि नगर पंचायत अध्यक्ष सुशीला खेतान की दो साहीवाल नस्ल की गायें सरकारी खर्च पर गौ-आश्रम में पाली जा रही थीं। इनमें से एक गाय रोजाना 8-9 लीटर दूध देती थी, जिसे चेयरमैन के घर भेजा जाता था। कर्मचारियों के कबूलनामे के वीडियो भी भास्कर के पास मौजूद हैं। उपाध्यक्ष के पहुंचने से पहले ही हटा दी गईं ‘वो गायें’ उपाध्यक्ष अतुल सिंह के दौरे की भनक लगते ही नगर पंचायत ने आनन-फानन में गौ-आश्रम के रास्ते पर चूना डालकर साफ-सफाई कराई। निरीक्षण से पहले ही नगर अध्यक्ष की दोनों साहीवाल गायें आश्रम से हटवा दी गईं। जबकि भास्कर की पड़ताल में जारी वीडियो में दोनों गायें आश्रम में बंधी साफ दिख रही थीं। अतुल सिंह ने कहा कि निरीक्षण के दौरान उन्हें साहीवाल नस्ल की कोई गाय नहीं मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी नस्ल की गायों को सरकारी गौ-आश्रम में रखना उचित नहीं है। उन्होंने आश्रम में कुल 36 गोवंश होने की बात कही, जिनमें से एक नया लाया गया था और उस पर टैगिंग नहीं थी। रजिस्टर व व्यवस्थाएं ‘संतोषजनक’ निरीक्षण के दौरान एसडीएम कप्तानगंज और उपाध्यक्ष ने गौ-आश्रम के रजिस्टर, चारे की व्यवस्था और देखरेख की स्थिति को संतोषजनक बताया। उपाध्यक्ष ने हरे चारे के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गौ-आश्रम में केवल दान में मिली हुई गायें ही रखी जा सकती हैं। यदि कोई पशुप्रेमी किसान गाय लेना चाहता है, तो उसे कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गौ-आश्रम से गोवंश दिया जा सकता है।
कुशीनगर में कान्हा गौशाला निरीक्षण:हटाई गईं नगर अध्यक्ष की साहीवाल गायें, उपाध्यक्ष बोले-‘व्यवस्थाएं संतोषजनक’
📅 Published: November 20, 2025 |
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