4 नवंबर 2025…भारत से सिखों का जत्था प्रकाश पर्व मनाने के लिए पाकिस्तान गया। जत्थे में 1923 यात्री थे। ये अटारी-बाघा बॉर्डर से पाकिस्तान में दाखिल हुए। यात्रा सिर्फ 10 दिनों की थी। 13 नवंबर को सभी को पाकिस्तान से लौटना था लेकिन सिर्फ 1922 लोग ही लौटे। जब इमिग्रेशन एग्जिट रिकॉर्ड्स चेक किए गए तो जत्थे से एक यात्री गायब मिला। वो 48 साल की सरबजीत कौर थीं। वो पंजाब के कपूरथला की रहने वाली हैं। गुमशुदगी का पता चलते ही भारतीय जांच एजेंसियों ने सरबजीत के पुराने रिकॉर्ड्स और बैकग्राउंड खंगालने शुरू किए। उनकी गुमशुदगी की वजह पता लगानी थी। तभी पाकिस्तान से खबर आई कि सरबजीत ने लाहौर के पास शेखपुरा के रहने वाले नासिर हुसैन के साथ शादी कर ली है। एक वीडियो में सरबजीत का कबूलनामा भी आया। जिसमें उन्होंने कहा है कि वो नासिर को 9 साल से जानती है। उन्होंने इस्लाम कबूल कर उससे निकाह कर लिया है। उनका नया नाम नूर हुसैन है। पाकिस्तान पुलिस को शक है कि सरबजीत कहीं जासूस या खुफिया एजेंट तो नहीं। इससे पहले 2023 में पाकिस्तान की सीमा हैदर अपने प्यार के लिए चार बच्चों के साथ अवैध रास्ते से भारत आ गई थीं। उसने धर्म बदलकर ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सचिन मीणा से शादी रचाई और तब से भारत में ही रह रही हैं। अब सवाल ये है कि क्या सरबजीत का तीर्थ यात्रा के बहाने पाकिस्तान जाना एक सोचा-समझा प्लान था, उसकी नासिर से कब और कैसे पहचान हुई। पाकिस्तान तक पहुंचने में उसकी किसने मदद की। दैनिक भास्कर ने सरबजीत के गांववालों से बात की। साथ ही पाकिस्तानी जर्नलिस्ट, नासिर के गांववालों और वकील से बात कर मामला समझा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मां पाकिस्तान गई, अब दोनों बेटों से पूछताछ कर रही पुलिस
सबसे पहले हमने पंजाब के अमानीपुर गांव में सरबजीत के परिवार और गांववालों से बात की। उनके पहले पति करीब दो दशक पहले कामकाज के सिलसिले में कनाडा गए और वहीं बस गए। सरबजीत के दो बेटे हैं। पति से तलाक के बाद वो दोनों के साथ कुछ वक्त मुक्तसर साहिब में रही। फिर दोनों कपूरथला के अमानीपुर में अपने दादा-दादी के पास पले-बढ़े। अब दोनों की शादी हो गई है और दोनों के एक-एक बेटी भी है। हमने सरबजीत के बेटों से बात करने की कोशिश की लेकिन वो मीडिया से बात नहीं करना चाहते हैं। वो अपनी मां को लेकर हो रही खबरों से परेशान है। पंजाब पुलिस में हमारे सोर्स ने बताया कि जब सरबजीत के पाकिस्तान में शादी करने की खबर आई, तब से पुलिस आए दिन उसके दोनों बेटों से सरबजीत को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरबजीत कितने सालों से पाकिस्तानी शख्स से संपर्क में थी। उसने वहां जाकर शादी करने का फैसला कब किया। वहीं अमानीपुर गांव के सरपंच अर्जन सिंह बताते हैं, ‘मैंने पिछले 20 सालों में कभी भी सरबजीत के पति को नहीं देखा। पहले इनके दोनों बच्चों के कुछ विवाद के मामले सामने आए थे, लेकिन हाल के कुछ सालों में सब बेहतर चल रहा था।’ गांववालों से बैकग्राउंड पता सरबजीत को भेजा था पाकिस्तान
पाकिस्तान से जत्थे के लौटने के बाद जब सरबजीत की गैरमौजूदगी का पता चला। तब ही जत्था प्रमुख बीबी गुरिंदर कौर ने सुल्तानपुर लोधी की SGPC सदस्य बीबी गुरप्रीत कौर रूही को खबर दी थी। गुरप्रीत कौर ने ही सरबजीत की यात्रा की सिफारिश की थी। गुरुप्रीत कौर ने बताया, ‘सरबजीत ने अपना पासपोर्ट गुरुद्वारे में जमा कराया था और उनका वीजा तय प्रक्रिया के तहत ही हुआ था। हमारे पास जो श्रद्धालु जा रहे हैं, उनकी कोई वेरिफिकेशन प्रोसेस तो नहीं है। हम गांव वालों से ही पूछकर उनका बैकग्राउंड पता करते हैं।’ ‘जब हमें पता चला कि जत्थे से सरबजीत कौर मिसिंग हैं। तो अगले दिन मैंने सुबह सरबजीत के गांव अमानीपुर जाकर चेक किया। हमने गांव के सरपंच अर्जन सिंह के घर जाकर भी तफ्तीश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद हम सरबजीत के घर पहुंचे। उनके बेटों को उनकी गुमशुदगी के बारे में बताया।‘ इस घटना के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने तय किया है कि अब से वो अकेली या तलाकशुदा महिला को पाकिस्तान जत्थेदारी के लिए जाने की इजाजत नहीं देगी। सरबजीत का कबूलनामा- नासिर से प्यार, सोच-समझकर शादी की
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, सरबजीत कौर ने 4 नवंबर को पाकिस्तान पहुंचने के बाद शेखपुरा के रहने वाले नासिर हुसैन से संपर्क किया। फिर शेखपुरा की मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होकर गवाही भी दी कि उसने नासिर के साथ अपनी मर्जी से शादी की है और इस्लाम कुबूल कर लिया है। इसके लिए उस पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। पाकिस्तान के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इस्लाम स्वीकार करने के बाद सरबजीत ने अपना नाम नूर रख लिया है। दोनों की शादी का 18 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया और पाकिस्तानी मीडिया चैनलों पर आया। इसमें भी सरबजीत ये सारी बातें स्वीकार करती नजर आ रही है। वीडियो में सरबजीत कह रही हैं, ‘मैं नासिर से प्यार करती हूं और उन्हें पिछले 9 साल से जानती हूं। मैं तलाकशुदा हूं और उनसे सोच-समझकर शादी कर रही हूं।’ नासिर हुसैन, पाकिस्तान के पंजाब के शेखपुरा जिले में हाल मुकीन गांव का रहने वाला है। वो मजदूरी करता था और कामकाज के लिए सऊदी अरब रहकर आया है। गांव में उसका एक छोटा सा घर है। गांव के लोग बताते हैं कि उन्हें भी शादी की खबर सोशल मीडिया और अखबारों से ही पता चली। गांववालों का मानना है कि नासिर ने सिख जत्थे के साथ आई महिला से शादी करके गलत काम किया। जब से ये सब हुआ है, तब से गांव और आस-पास के लोग परेशान हैं। गांव में पुलिस का आना जाना लगा हुआ है। नासिर का परिवार कहां है। इस पर उन्होंने बताया कि शादी की खबर के बाद से ही घर पर ताला हुआ है और परिवार गांव से गायब है। पुलिस गांव में आई थी और नासिर के घर का दरवाजा तोड़कर तलाशी भी ली। गांववालों ने बताया कि नासिर की प्रेम कहानी करीब 8 साल पुरानी है। उसकी पहली बीवी गांव में उसके साथ ही रहती थी। उससे नासिर के तीन बच्चे हैं। नासिर के बेटे ने अपने दोस्त को बताया भी था कि उसके अब्बू की शादी की बात चल रही है। वकील बोले- कानूनी मदद के लिए पहले ही फीस भर गया था नासिर
इसके बाद हमने सरबजीत और नासिर की शादी कराने वाले पाकिस्तानी वकील अहमद हसन पाशा से बात की। वो बताते हैं, ‘नासिर मेरे पास निकाह से कुछ दिन पहले आया था। तब उसने बताया था कि दूसरे मुल्क में उसकी एक दोस्त है, जिसे पाकिस्तान में लीगल असिस्टेंस दिलवाना है। मैंने उसे अपनी फीस बताई और तभी वो फीस की रकम भी दे गया था। मैंने उसे लीगल असिस्टेंस में लगने वाले डॉक्यूमेंट्स बताए और सभी इकट्ठा करने के लिए कहा।‘ पाशा ने आगे बताया, ‘इसके बाद नासिर सीधे 5 नवंबर को सरबजीत कौर को लेकर मेरे चैंबर में पहुंचा। सरबजीत को मुझसे मिलवाते हुए उसने बताया कि वो भारत से आई है। इसके बाद हमारी लीगल असिस्टेंस के लिए बातचीत हुई। नासिर ने ये भी बताया कि दोनों की सोशल मीडिया की जरिए जान-पहचान हुई और एक-दूसरे को 9 साल से जानते हैं। दोनों शादी करना चाहते हैं।‘ वकील ने आगे बताया, ‘मुझे क्लाइंट की पाकिस्तानी लॉ के मुताबिक कानूनी मदद करनी थी। मैंने नासिर से सरबजीत के बारे में कुछ जरूरी बातें पूछीं और डॉक्यूमेंट्स मांगे, जो केस बनाने के लिए जरूरी थे।‘ पाकिस्तान में सरबजीत शेखपुरा तक कैसे पहुंची? इसके जवाब में पाशा कहते हैं, ‘एक दिन पहले 4 नवंबर को ही भारत से सिख यात्रियों का जत्था पाकिस्तान पहुंचा था। सरबजीत उसी में आई थी। मुमकिन है कि सिख यात्रियों का समूह जब ननकाना साहिब पहुंचा तो उसी बीच सरबजीत जत्थे से निकलकर नासिर से मिली हो।‘ पाकिस्तान पुलिस को शक, सरबजीत कहीं जासूस तो नहीं
पाकिस्तान की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सरबजीत के शादी की जानकारी मिलने के बाद से एक्टिव हैं। सोर्स के मुताबिक, पुलिस को शक है कि सरबजीत कहीं पाकिस्तान में भारतीय जासूस बनकर तो नहीं पहुंची है। इस दौरान पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी भी की, जिसकी वजह से प्रेमी जोड़े को परेशान भी होना पड़ा। हमने इसे लेकर पाकिस्तान के शेखपुरा के एक जर्नलिस्ट से भी बात की। वो भी शादी की बात पर मुहर लगाते हैं। नाम ना छापने की शर्त पर वे बताते हैं, ‘मैंने नासिर और सरबजीत की शादी कराने वाले और कोर्ट में अर्जी लगाने वाले वकील से बात की। साथ ही पाकिस्तान की पंजाब पुलिस के अफसरों से भी बात की है। सरबजीत कौर उर्फ नूर हुसैन ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शहबाज हसन राणा के सामने कहा है कि वो पति नासिर हुसैन के साथ रहना चाहती हैं।’ शुरू में पुलिस को सरबजीत के भारत का जासूस होने का शक था। इस आधार पर पड़ताल भी की गई। पुलिस की पड़ताल और छापेमारी से परेशान होकर कपल हाईकोर्ट चला गया। पुलिस से परेशान होकर लाहौर हाईकोर्ट पहुंचा कपल
पाकिस्तान की पंजाब पुलिस लगातार सरबजीत और नासिर को तलाश रही है। फिलहाल दोनों लापता हैं। 18 नवंबर को कपल ने पाकिस्तान की लाहौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दोनों ने शिकायत की कि पुलिस शादी करने की वजह से कपल को परेशान कर रही है। पुलिस ने उन पर शादी तोड़ने का दबाव भी बनाया। साथ ही दोनों को ढूंढने के लिए शेखपुरा के फर्रुखाबाद में गैरकानूनी रूप से छापेमारी भी की। जोड़े ने कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, उसमें सरबजीत कौर ने लिखा- ‘मेरे शौहर पाकिस्तानी शहरी (नागरिक) हैं और मैंने पाकिस्तान की नागरिकता हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया है।‘ इसके बाद लाहौर हाईकोर्ट के जस्टिस फारुक हैदर ने पुलिस को आदेश दिया कि इस शादीशुदा जोड़े को परेशान ना किया जाए।
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📅 Published: November 25, 2025 |
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