क्रिकेट के 73 नियम बदले, 1 अक्टूबर से लागू होंगे:टेस्ट में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरा तो नया बैटर आएगा, लेमिनेटेड बैट को मंजूरी

📅 Published: February 4, 2026 | 📂 Category: Uncategorized

क्रिकेट के 73 नियम बदल दिए हैं। इनमें टेस्ट मैच में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर पूरा ओवर खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। डेड बॉल, ओवरथ्रो, बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच, विकेटकीपर की पोजीशन जैसे कई नियम बदले गए हैं। लेमिनेटेड बैट को सशर्त मंजूरी दी गई है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। 2022 के बाद नियमों में यह सबसे बड़ा अपडेट है। बदले गए मुख्य नियम 1. टेस्ट मैच में दिन का आखिरी ओवर का नियम बदला
क्रिकेट नियम बनाने वाले मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि टेस्ट मैचों में दिन का आखिरी ओवर अब हर हाल में पूरा कराया जाएगा। ऐसा न होने से ‘खेल का रोमांच कम हो जाता है।’ MCC ने कहा, ‘यह अनुचित माना गया कि अगर दिन के अंतिम ओवर में गेंदबाजी कर रही टीम विकेट लेती है, तो बल्लेबाजी टीम को नया बल्लेबाज भेजने की जरूरत नहीं पड़ती।’ वहीं यह भी बयान में कहा गया कि, ‘इससे समय की बचत भी नहीं होती, क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन पूरी करनी ही पड़ती हैं। साथ ही इससे खेल का रोमांच कम हो जाता है। नया बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों से बच जाता है। क्योंकि आमतौर पर उस समय गेंदबाजों के लिए हालात अनुकूल होते हैं। नए नियम के तहत अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अंतिम पूरा किया जाएगा, भले ही उस दौरान विकेट गिर जाए।’ 2. ओवरथ्रो और ‘डेड बॉल’ की नई परिभाषा
MCC ने ओवरथ्रो और मिसफील्ड के बीच के अंतर को स्पष्ट कर दिया है। अब ओवरथ्रो सिर्फ तभी माना जाएगा, जब कोई फील्डर विकेट पर गेंद फेंकता है और वह गेंद आगे निकल जाती है। अगर फील्डर बाउंड्री के पास गेंद रोकने की कोशिश करता है और गेंद हाथ से फिसलकर निकल जाती है, तो उसे ओवरथ्रो नहीं, बल्कि मिसफील्ड कहा जाएगा। अब ‘डेड बॉल’ के लिए यह जरूरी नहीं है कि गेंद गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में ही हो। अगर गेंद किसी भी फील्डर के पास आ गई हो या मैदान पर रुक गई हो और अंपायर को लगे कि अब बल्लेबाज रन नहीं ले सकता, तो वह गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है। 3. लेमिनेटेड बैट को मंजूरी
लेमिनेटेड बैट या टाइप-डी बैट वह क्रिकेट बैट होता है, जिसे लकड़ी के दो या तीन टुकड़ों को आपस में जोड़कर तैयार किया जाता है। ये बल्ले पारंपरिक सिंगल-पीस बल्लों की तुलना में सस्ते होते हैं। MCC ने इन्हें ओपन एज क्लब क्रिकेट में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। वहीं, ओपन एज क्रिकेट उस फॉर्मेट को कहा जाता है जिसमें खिलाड़ियों की उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं होती और इस स्तर पर सभी उम्र के खिलाड़ी एकसाथ खेल सकते हैं। 4. हिट विकेट के नियम को और साफ किया गया
हिट विकेट में कन्फ्यूजन को दूर किया गया है। अब यह समझने में कोई दिक्कत नहीं रहेगी कि बल्लेबाज कब हिट विकेट आउट माना जाएगा और कब नहीं। 5. बॉल और बैट के लिए तय हुए मानक
MCC ने मौजूदा और पूर्व महिला खिलाड़ियों से सलाह लेकर जूनियर और महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंदों के लिए नए नियम बनाए हैं। अब गेंदों को तीन साइज में बांटा गया है। साइज-1, साइज-2 और साइज-3। MCC का कहना यह है कि हर साइज की गेंद अपने तय वजन और आकार के अनुसार बनेगी, लेकिन गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा से जुड़े नियम तीनों के लिए एक जैसे होंगे। MCC ही क्रिकेट के नियम बनाता है MCC एक प्राइवेट क्रिकेट क्लब है जिसकी स्थापना 1787 में लंदन, इंग्लैंड में हुई थी। इसे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने क्रिकेट क्लबों में से एक माना जाता है। MCC ने 1788 में क्रिकेट के पहले आधिकारिक नियम तैयार किए थे। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) बनने के बाद भी MCC के पास क्रिकेट नियमों का कॉपीराइट है। यही क्रिकेट के नियम बनाती है।
_________________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टी-20 वर्ल्ड कप 2026 ग्रुप एनालिसिस:ग्रुप D में पिछली फाइनलिस्ट साउथ अफ्रीका के साथ न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान, ग्रुप A में भारत-पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से शुरू होगा। ICC के मेगा इवेंट में 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 4 अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा चर्चा ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ को लेकर है। इस बार यह टैग ग्रुप-डी को मिला है। जिसमें पिछली बार की फाइनलिस्ट साउथ अफ्रीका के साथ 2021 की रनर-अप न्यूजीलैंड और पिछली सेमीफाइनलिस्ट अफगानिस्तान शामिल हैं। पूरी खबर

Read more


📱 Share on WhatsApp 🌐 View Original Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *