खादी महोत्सव में बिक्री 15 लाख के पार:पोस्टर प्रतियोगिता में बच्चों की रचनात्मक चमक, सांस्कृतिक संध्या में कुसुम वर्मा ने जीता दिल

📅 Published: November 23, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रहे 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025 में रविवार को भारी भीड़ उमड़ी। खरीदारी के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिक्री का आंकड़ा 15 लाख रुपये पार कर गया। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता से सबको प्रभावित किया और शाम की सांस्कृतिक संध्या में गायिका कुसुम वर्मा ने दर्शकों को सुरों में डुबो दिया। सांस्कृतिक संध्या में कुसुम वर्मा ने जीता दिल रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में लोग महोत्सव पहुंचकर खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों की खरीदारी करते रहे। आयोजन स्थल पर भीड़ इतनी अधिक थी कि खबर लिखे जाने तक 15.24 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की जा चुकी थी। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों ने पारंपरिक कला, शिल्प और वस्त्रों की विविधता को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया है। स्वराज आश्रम कानपुर द्वारा बनाए गए खादी के कुर्ता-पायजामा, सदरी, दुपट्टे और जैकेट लोगों की पहली पसंद बनकर उभर रहे हैं। वहीं मिट्टी के बर्तन, हेंडमेड क्राफ्ट और ग्रामीण खिलौनों की दुकानों पर भी खरीदारों की लंबी कतार देखने को मिली। उद्यमियों ने कहा कि बिक्री में हो रही बढ़ोतरी उन्हें ग्रामीण कारीगरों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आश्वस्त कर रही है। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता: बच्चों की कला ने मोहा मन खादी महोत्सव के तहत रविवार को आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता ने बच्चों की रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।जूनियर वर्ग (8 से 15 वर्ष) में पीहू ने प्रथम, श्रद्धा ने द्वितीय और अक्षत कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग (16 से 22 वर्ष) में सुमन कुमारी प्रथम, मो. खालिद द्वितीय और अनन्या तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के वरिष्ठ प्रबन्धक वी.के. श्रीवास्तव ने मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन दीप प्रकाश ने किया। सांस्कृतिक संध्या में कुसुम वर्मा ने बांधा समां शाम की सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायिका कुसुम वर्मा ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने भक्ति, लोक और सुगम संगीत की मनभावन प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों को देर तक बांधे रखा। लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया और गीतों का आनंद लिया।

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