भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) ने सोमवार को पीलीभीत में गन्ना किसानों की समस्याओं और भुगतान में देरी को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन ने गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के जनसंपर्क कार्यालय के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉली रैली रोककर विरोध जताया। यह पहली बार है जब किसी संगठन ने सीधे मंत्री के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया है। भाकियू के जिलाध्यक्ष भजनलाल क्रोधी के नेतृत्व में किसानों ने मंत्री के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और करीब आधा घंटा तक आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसानों के दम पर विधायक और मंत्री पद हासिल किया, लेकिन अब किसानों के खून-पसीने पर अरबों की संपत्ति खड़ी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की गन्ना कीमत रोककर उन्होंने अपनी निजी चीनी मिलें स्थापित कर लीं। किसानों ने सवाल उठाया कि चीनी मिलें लगाने के लिए इतना पैसा कहां से आया, जबकि उनकी पिछली आर्थिक स्थिति सार्वजनिक है। किसानों ने इस पूरे मामले की सीबीआई और आईबी से जांच कराने की मांग की। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेशभर की गन्ना मिलों में करोड़ों की घटतौली और अनियमितताओं की सीधी जिम्मेदारी मंत्री की है। उन्होंने कहा कि मंत्री किसानों की बुनियादी समस्याओं, जैसे ललौरीखेड़ा की टूटी पुलिया, को भी नजरअंदाज कर अपनी निजी सुविधाओं का विस्तार करने में लगे हैं। प्रदर्शन के बाद, किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इन मांगों में बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित तुरंत दिलाना, आगे का भुगतान 15 दिन के भीतर सुनिश्चित करना, खड़ी तौल बंद कर प्लांट पर तौल कराना और सभी चीनी मिलों में घटतौली रोकने के लिए मान्यता प्राप्त धर्मकांटे स्थापित करना शामिल है। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
गन्ना मंत्री के कार्यालय के सामने भाकियू का प्रदर्शन:किसानों के पैसे से निजी चीनी मिलें बनाने का आरोप, CBI जांच की मांग
📅 Published: December 1, 2025 |
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