गाजियबाद में नवंबर में पहली बार प्रदूषण से राहत:हवा की गति बढ़ते ही साफ हुई हवा, धूप खिलने से मौसम साफ

📅 Published: November 30, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

गाजियाबाद में नवंबर माह में पहली बार आज रविवार को जहरीली हवा से निजात मिली है। गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़ और आसपास के शहरों में प्रदूषण घटा है। जिससे प्रशासन ने भी राहत की सांस ली थी। आधे नवंबर माह में गाजियाबाद का एक्यूूआई 440 तक पहुंच गया था, जिससे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगीं। आज जैसे ही AQI रेड जोन से यलो जाेन में आया तो दृश्यता भी बढ़ गई। शहर में डीजल से चलने वाले ऑटो और टेंपो पूरी तरह बंद हैं। बीएस-4 वाहनों पर भी पाबंदी जारी है। जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग सड़कों पर निगरानी बढ़ाए हुए हैं। आज मौसम साफ रहने का अनुमान रविवार सुबह से धूप खिली है। जिससे मौसम में हल्की गर्माहट महसूस हुई। सुबह का न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिन में अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री पहुंचने का अनुमान है। हवा की गति लगभग 11 किमी प्रति घंटा रही। रात का तापमान भी सामान्य बना हुआ है। आज हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण का असर भी कम हुआ है। दिल्ली और यूपी में शहरों का AQI आंखों में होने लगती है जलन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुमान अब एक्यूआई बढ़ने की अधिक संभावना नहीं है, यदि बढ़ता है तो ऐसे में सांस संबंधी रोगियों के लिए यह और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और अस्वस्थता जैसी समस्या हो सकती है। गाजियाबाद के पल्मोनोलोजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं, प्रशासन ने भी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये हैं शहरों में पॉल्यूशन के बड़े कारण प्रदूषण की वजह पराली जलानाउत्तर और मध्य भारत में दिवाली के बाद पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वजह से प्रदूषण बढ़ने की रफ्तार भी तेज होने लगती है। हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है। 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे किसानों को पराली का सफाया करने में परेशानी होने लगी। केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अधिनियम 2021 के तहत पराली जलाने पर नियम लागू किए। इसके मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने पर 5,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। 2 से 5 एकड़ जमीन पर 10,000 रुपए और 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर 30,000 रुपए का जुर्माना लगता है।

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