गाजीपुर में सोमवार को सभी 16 विकासखंडों के पंचायत सचिवों ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध में आंदोलन शुरू किया। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर सचिवों ने काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य किया। समन्वय समिति के अध्यक्ष सूर्यभानु राय ने बताया कि पंचायत सचिवों से लक्ष्य आधारित कार्य कराया जाता है और छुट्टियों में भी बुलाया जाता है। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति लागू करना तर्कहीन और अव्यावहारिक है। सचिवों का कहना है कि अत्यधिक कार्यभार के बीच अचानक ऑनलाइन उपस्थिति का दबाव अनावश्यक तनाव पैदा कर रहा है। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बैजनाथ तिवारी ने बताया कि बिना किसी तकनीकी संसाधन, नेटवर्क सुविधा और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए ही ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश जारी कर दिया गया है। सचिवों का आरोप है कि उच्च अधिकारियों के दबाव में उनसे पंचायत विभाग के अलावा अन्य विभागों के कार्य भी करवाए जा रहे हैं, जिससे उनके मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संगठन का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा भय का वातावरण बनाकर अनावश्यक कार्य थोपे जा रहे हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। समन्वय समिति ने स्पष्ट किया है कि सचिव शांतिपूर्ण सत्याग्रह के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश वापस नहीं लिया गया, तो जनपद ही नहीं, पूरे प्रदेश के पंचायत सचिव कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। सचिव संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न या दबाव अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
गाजीपुर में पंचायत सचिवों ने शुरू किया आंदोलन:ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य
📅 Published: December 1, 2025 |
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