चंदौली की सिविल जज इंदूरानी की अदालत ने गोवंश तस्करी के एक मामले में सतीश कुशवाहा को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को जेल में बिताई गई अवधि के अलावा तीन हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे दस दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला वर्ष 2003 में 11 जनवरी को सैयदराजा थाने में दर्ज किया गया था। पुलिस ने गोवंश की तस्करी के आरोप में बिहार राज्य के चैनपुर थानाक्षेत्र के अवखरा गांव निवासी सतीश कुशवाहा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार देर शाम सिविल जज इंदूरानी की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। सैयदराजा थाने के पैरोकार कांस्टेबल राजीव कुमार प्रजापति ने कोर्ट में प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्य प्रस्तुत किए। वहीं, अभियोजन की ओर से अधिवक्ता विजय कुमार पाण्डेय (एपीओ) ने दोषी को सख्त से सख्त सजा देने का निवेदन किया। कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों के आधार पर सतीश कुशवाहा को गोवध अधिनियम के तहत दोषी पाया।
गोवंश तस्करी के दोषी को सजा:चंदौली कोर्ट ने लगाया 3 हजार का अर्थदंड, 2003 में पकड़ा गया था
📅 Published: November 30, 2025 |
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