चंडीगढ़ नगर निगम के नए मेयर सौरभ जोशी की अगुआई में आज (बुधवार को) पहली मीटिंग चल रही है। जैसे ही गऊशाला का मामला उठा तो हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस व AAP के पार्षद नारेबाजी करते हुए सदन में आ गए। निगम कमिश्नर ने कहा कि इस मामले की पहले दिन से जांच कर रहे हैं। जबकि पार्षदों का कहना था कि आखिर वहां पर नया शुरू किया गया प्लांट बंद क्यों है। इसकी जांच में क्या सामने आया है। वह सामने लाया जाना चाहिए। आप और कांग्रेस के पार्षद हाथ में गौ हत्या बंद करो के पोस्टर लेकर खडे़ हो गए। पार्षदों ने कहा कि जब गायों की मौत हो गई थी, तो उन्हें दफनाया क्यों नहीं। इस तरह गायों को क्यों फेंका गया। इस मामले की जांच के लिए कमेटी बननी चाहिए। इस पर मेयर ने कहा हम जांच के लिए कमेटी बनाएंगे, जो इसकी जांच करेगी। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर जसमन ने कहा कि समस्या आती है, जो हम ठेकेदार को फोन करते हैं। जेई और अधिकारी फोन बंद कर देते हैं। इसके जवाब में कमिश्नर ने कहा कि आप यह बताओ किसने फोन नहीं उठाया या बंद किया। आप नाम बताओ। अभी सस्पेंशन ऑर्डर जारी करेंगे। इससे पहले मीटिंग के शुरू होते ही गुरबख्श रावत ने नए मेयर को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा यह पहला मौका है कि बजट में 225 करोड़ रुपए अधिक मिले हैं। यह पूर्व मेयर और कमिश्नर साहब के प्रयासों से संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि इस फंड्स का उपयोग शहर के समान और संतुलित विकास के लिए किया जाएगा। मीटिंग से जुड़ीं PHOTOS… निगम की मीटिंग में ये मुद्दे उठाए गए कांग्रेस पार्षद ने गारबेज कलेक्शन का मुद्दा उठाया: कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने जैसे ही मीटिंग शुरू हुई, तो उन्होंने बुड़ैल सेक्टर-45 का डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन की बात उठाई। उन्होंने कहा किसेक्टर-45 को लेकर एजेंडा क्यों नहीं लाया जा रहा। हर मीटिंग में मुद्दा उठता है। लेकिन इस मुद्दे पर फोकस नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं यह अभियान केवल कागजों तक ही सीमित तो नहीं रखा जा रहा। इसके पीछे जरूर कोई मजबूरी या कारण होगा। मेयर ने कहा कि प्रश्न वाजिब है। सच्चाई से जवाब दिया जाना चाहिए। यदि समस्या का समाधान किया गया तो सम्मानित करेंगे, लेकिन अगर काम नहीं हुआ तो पुतला भी जलाया जाएगा। वहीं निगम सेक्रेटरी ने बताया कि यह मुद्दा पिछले हाउस में भी उठाया गया था। यहां पहली बार यह स्कीम शुरू की जानी है, इसलिए समय लग रहा है। पहले रेजिडेंशियल एमओयू था, उसके बाद कमर्शियल एमओयू हाउस में पास किया गया। लेकिन गारबेज कलेक्टरों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई। टेंडर का इनवाइट भी जारी किया गया था, लेकिन बाद में ऑर्डर रद्द करना पड़ा। पार्षद गाबी ने गंदे पानी का मामला उठाया: पार्षद गुरप्रीत गाबी और अन्य पार्षदों ने गंदे पानी का मामला उठाया है। उन्होंने कहा कि इससे लोग बीमार हो रहे हैं। 8 साल के बच्चे तक बीमारी हो रहे हैं। इस पर कमिश्नर ने बताया कि हमारी तक पानी की जांच हुई। इसमें सैंपल में कोई कमी नहीं आई है। वहीं, अब थर्ड पार्टी से पानी की चेकिंग करवाएंगे। मेयर ने पार्षदों काे कहा कि सभी पार्षदों के मुद्दे जाजय है। उन्होंने पार्षदों को कहा कि वह आगे सारे मामलों पर रिप्रेजेंटेशन जरूर दें ताकि इन मामलों को हल किया जा सके। यह सारे मामले चंडीगढ़ से जुड़े हुए हैं। इस मौके पर AAP पार्षद दमन ने कहा कि पहले हमें बोलने नहीं दिया जाता था। जब हम सदन में मुद्दे उठाते थे, तो मार्शलों के माध्यम से हमें उठाकर बाहर फेंक दिया जाता था। उन्होंने कहा कि इस बार हमें बाहर नहीं किया गया। इसके लिए हम आपका धन्यवाद करते हैं। बीजेपी पार्षद बोले-10 दिन से पानी नहीं आया: बीजेपी पार्षद मनोज साेनकर ने कहा कि मौली जागरां में दस दिन हो गए। मेरे इलाके के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। मैं इस बारे में अधिकारियों को बताकर जाता हूं। कैंटीन वाले गवाह हैं । लेकिन इस समस्या का हल नहीं किया जा रहा है। पहले भी 2010 और 11 में भी दिक्कत आई थी। लेकिन इस समस्या का हल क्यों नहीं किया जा रहा है। मैं तीन साल से इस मामले को उठा रहा हूं। मेरा दिल रो रहा है। इस पर मेयर ने कहा यह समस्या केलव मौली जागरां की नहीं है, बल्कि सारे इलाकों की है। यह सारे इलाके की बीस हजार जनसंख्या रो रही है। आप कॉलोनियों के विषयों को लेकर साफ बोल रहा हूं। कमिश्नर साहब माइंड मत करिएगा कि पहली हाउस मीटिंग है। हम अपने आपको बचाने के लिए रनिंग वाटर दिखा रहे है, मैं सब जानता हूं। चीफ इंजीनियर साहब बताएं।
चंडीगढ़ निगम मीटिंग, कांग्रेस-AAP पार्षदों का हंगामा:गौ-हत्या बंद करो के पोस्टर दिखाए; सीनियर डिप्टी मेयर बोले- अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं
📅 Published: February 11, 2026 |
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