चंडीगढ़ में 16 दिसंबर से EWS-DG का दाखिला शुरू:56 निजी स्कूलों में 815 सीटों पर ऑनलाइन एडमिशन,56 स्कूलों में 815 सीटें रिजर्व

📅 Published: December 11, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

चंडीगढ़ के निजी स्कूलों में इकॉनामिकली वीवर्स सेक्शन (EWS) और डिसएडवांटेज ग्रुप (DG) कैटेगरी के लिए 16 दिसंबर से ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। सेशन 2024-25 के लिए राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत 25% आरक्षित सीटों पर एडमिशन चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से करवाया जाएगा। 56 स्कूलों में 815 सीटें रिजर्व शिक्षा विभाग के अनुसार शहर के 56 निजी स्कूलों में एंट्री लेवल क्लासेज के लिए कुल 815 सीटें ईडब्ल्यूएस और डीजी वर्ग के लिए निर्धारित हैं। स्कूल एजुकेशन डायरैक्टर नीतीश सिंगला ने बताया कि अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरा शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। 15 दिसंबर तक स्कूलों को पोर्टल से जोड़ना होगा प्राइवेट स्कूलों को 15 दिसंबर तक शिक्षा विभाग के पोर्टल से लिंक करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही 16 दिसंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन सभी निजी स्कूलों में बिल्कुल फ्री होगा। अभिभावकों को अपने बच्चे के लिए 15 स्कूल चुनकर आवेदन करना होगा। इसके बाद विभाग घर से स्कूल की दूरी देखकर बच्चे को स्कूल अलॉट करेगा। आवेदन की सुविधा शहर के सभी निजी स्कूलों में बिल्कुल फ्री में होगी।हर स्कूल में हेल्पलाइन सेंटर बनाना जरूरी होगा। हर स्कूल में एक हेल्पलाइन सेंटर बनाया जाएगा, जहां दो कंप्यूटर और वाई-फई की सुविधा होगी। एक शिक्षक की देखरेख में अभिभावकों को आवेदन करने में पूरी मदद दी जाएगी। पेरेंट्स अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ स्कूल जाकर या शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जानिए कौन कर सकता है आवेदन ईडब्ल्यूएस और डीजी कैटेगरी में दाखिले के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, सिर्फ वही बच्चे आवेदन कर सकते हैं जो इन कैटेगरी की सभी शर्तें पूरी करते हों। ईडब्ल्यूएस वर्ग में आवेदन करने वाले बच्चों के अभिभावकों की सालाना आय डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस आय का प्रमाण प्रशासन से जारी मान्यता प्राप्त आय सर्टिफिकेट के रूप में देना जरूरी होगा। केवल वैध आय प्रमाण पत्र वाले अभिभावकों के बच्चे ही इस श्रेणी में दाखिले के पात्र माने जाएंगे। डीजी कैटेगरी में दाखिला लेने के लिए बच्चों के पास दिव्यांगता का सर्टिफिकेट होना जरूरी है।​​​​​​​ यह प्रमाण पत्र केवल सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच, सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच या पीजीआई जैसे मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पतालों से ही स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा इस श्रेणी में वे बच्चे भी शामिल किए जाते हैं जो एचआईवी या एड्स पीड़ित अभिभावकों पर आश्रित हों। अनाथ बच्चे, थैलीसीमिया या कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे और शहीद सैनिकों के बच्चे भी डीजी वर्ग के तहत आवेदन कर सकते हैं।

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