चाइनीज नहीं, जेल में हिन्दी बोलने लगी है एलिस ली:तीन माह के भीतर 60 से ज्यादा हिन्दी के शब्द सीखे, वाक्य बनाने पर फोकस

📅 Published: November 21, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी के आरोप में मेरठ जेल की सलाखों के पीछे बंद चाइनीज एलिस ली उर्फ ली तेंगली हिन्दी बोलने लगी हैं। वह तीन माह से जेल में रहकर हिन्दी सीख रही है। 60 से ज्यादा हिन्दी के शब्द सीखकर एलिस ली ने पूरा फोकस अब वाक्य तैयार करने पर लगा दिया है। इसमें जेल में पढ़ाने वाली शिक्षा मित्र सहयोग कर रही हैं। एलिस की इस उपलब्धि के बाद सबसे ज्यादा राहत जेल प्रशासन महसूस कर रहा है। आइए जानते हैं कौन हैं एलिस ली
ग्रेटर नोएडा में टेंटेक इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जो एलईडी स्क्रीन के बोर्ड तैयार करती है। इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनय कुमार सिंह हैं। जबकि फाइनेंस का सारा जिम्मा चीनी महिला एलिस ली संभालती हैं। उनका मुख्य कार्य मनी कलेक्शन है। लगभग तीन माह पहले 26 अगस्त को जीएसटी की टीम ने इस कंपनी में रेड करते हुए करोड़ों की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ किया और एलिस ली को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने एलिस को भेजा जेल
जीएसटी की टीम ने एलिस को मेरठ लाकर न्यायालय में पेश किया, जहां से एलिस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पहले ही दिन से ना केवल एलिस बल्कि जेल प्रशासन को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी बाधा एलिस को अपनी बात समझाना और सामने वाले व्यक्ति की बात को समझना था, जिसके लिए करीब एक माह तक दोनों ही पक्षों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। चौकाने वाली बात यह रही कि एलिस को अंग्रेजी भी नहीं आती थी। शिक्षा मित्रों ने संभाला जिम्मा
जेल में आने वाला बंदी हो या फिर कैदी, सभी को जेल मैन्युअल के अनुरूप व्यवस्था उपलब्ध कराना जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। एलिस के आने के बाद सबसे बड़ी चुनौती जेल प्रशासन को झेलनी पड़ी। वरिष्ठ जेल अधीक्षकों ने जेलरों व डिप्टी जेलरों के साथ ही अंदर के स्टाफ के साथ मीटिंग कर इस समस्या का समाधान ढूंढा और कोशिश शुरु की। उन्होंने शिक्षा मित्रों की मदद ली जिन्होंने एलिस को हिंदी या कहें तो हिंदी के प्रमुख शब्दों को समझाने का जिम्मा संभाला। 60 से ज्यादा शब्द समझती हैं एलिस
शुरुआत में एलिस खाना, सोना, आना और जाना जैसे सामान्य हिंदी शब्दों को भी नहीं समझ पाती थीं लेकिन अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिनचर्या शुरु होने से लेकर रात में सोने तक रोजमर्रा की जिंदगी में बोले जाने वाले शब्द अब एलिस की जुबां पर भी सज रहे हैं। वह खाना, सोना, आना और जाना ही नहीं बल्कि हिंदी के 60 से ज्यादा शब्दों का प्रयोग करने लगी हैं। एलिस में आए इस बदलाव ने जेल प्रशासन को ही नहीं खुद एलिस को भी राहत देने का काम किया है। गुस्से वाली एलिस मुस्कुराकर देती हैं जवाब
हर वक्त गुस्से से भरी रहने वाली एलिस के व्यवहार में भी हिंदी ने काफी बदलाव लाने का काम किया है। वह बैरक में मौजूद अन्य महिला बंदियों से टूटे फूटे शब्दों में बात करती हैं। बैरक खुलते ही परिसर में टहलती दिखाई पड़ती हैं। अंदर की गतिविधियों को जानने की इच्छा एलिस ली जताती हैं। खुद भी सवाल पूछती हैंऔर उनके पूछे गए सवालों का भी मुस्कुराकर जवाब देती हैं। जमानत चाहे जब हो लेकिन फिलहाल एलिस ली जेल के माहौल के अनुरूप ढल चुकी हैं।

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