चित्रकूट में दुष्कर्म के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 15,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अपर जिला जज नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला 7 दिसंबर 2019 को मानिकपुर थाने में दर्ज किया गया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि 6 दिसंबर 2019 को दोपहर में वह अपने घर से मवेशियों के लिए चारा लेने खेत जा रही थी। गवाहों के आधार पर कार्रवाई रास्ते में मानिकपुर थाना क्षेत्र के ऐलहा बढैया गांव के महुआपुर निवासी प्रदीप उर्फ पिंटू यादव ने उससे बातचीत की, फिर हाथ पकड़कर उसे गिरा दिया और दुष्कर्म किया। आरोपी ने पीड़िता को मुंह बंद रखने के लिए पैसों का लालच भी दिया था। पीड़िता ने आरोपी द्वारा दिए गए पैसे फेंक दिए और घर लौट आई। पति के सतना से लौटने पर उसने पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज नीरज श्रीवास्तव ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी प्रदीप उर्फ पिंटू यादव को 10 वर्ष सश्रम कारावास और 15,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
चित्रकूट में रेप के दोषी को 10 साल की सजा:15 हजार जुर्माना भी लगा, 6 साल बाद फैसला आया
📅 Published: November 29, 2025 |
📂 Category: Uncategorized
