जरूरत की खबर- क्या आप देर रात डिनर करते हैं:बढ़ेंगे 13 हेल्थ रिस्क, खाने–सोने के बीच 3–4 घंटे का गैप जरूरी, बता रहे हैं डॉक्टर

📅 Published: December 23, 2025 | 📂 Category: Uncategorized

आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में बहुत-से लोग देर रात ऑफिस से लौटते हैं और लेट-नाइट डिनर करते हैं। एक फैक्ट ये भी है कि आज ज्यादातर लोग किसी–न–किसी तरह की लाइफस्टाइल बीमारी से जूझ रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजहों में से एक है, अनियमित खानपान। खासतौर पर देर रात डिनर करना। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड, न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स में प्रकाशित 2023 की एक स्टडी बताती है कि लेट-नाइट भोजन कई गंभीर हेल्थ रिस्क बढ़ा सकता है, जैसे हाई ब्लड शुगर, ओबिसिटी और हार्ट डिजीज का खतरा। स्टडी के मुताबिक, जब हम लगातार देर रात खाना खाते हैं, तो डाइजेस्टिव प्रोसेस धीमा पड़ जाता है। इसीलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे- एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- लेट नाइट डिनर करने के हेल्थ रिस्क क्या हैं? जवाब- लेट-नाइट डिनर शरीर की नेचुरल बायलॉजिकल क्लॉक को बिगाड़ देता है। जब खाना सही समय पर नहीं खाया जाता, तो उसका असर सिर्फ पाचन पर ही नहीं, बल्कि वजन, हॉर्मोन, दिल, ब्लड शुगर और नींद तक पर पड़ता है। इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ग्राफिक से समझते हैं- अब इन पॉइंट्स को थोड़ा विस्तार से समझते हैं- वजन बढ़ता है जब रात ज्यादा हो जाती है, तो शरीर सुस्त मोड में चला जाता है। ऐसे में खाना जल्दी–जल्दी फैट में बदलकर पेट और शरीर में जमा होने लगता है, जिससे वजन बढ़ता है और मोटापा भी बढ़ सकता है। डायबिटीज का खतरा देर रात खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है और साथ ही टाइप–2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर अगर खाना 10 बजे के बाद खाया जाए और खाकर आप तुरंत सो जाएं। दिल की बीमारी का खतरा लेट नाइट खाने का असर दिल पर भी पड़ता है। देर से खाने के बाद खून में ट्राइग्लिसराइड्स (एक तरह का फैट) बढ़ जाते हैं, जिससे दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है और शरीर में इंफ्लेमेशन भी बढ़ सकता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा देर रात खाने की आदत से ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लिवर पर दवाब लिवर पर भी दबाव बढ़ जाता है। ज्यादा शुगर और फैट की वजह से लिवर को सब साफ करने में दिक्कत होती है। हॉर्मोन पर असर इतना ही नहीं, शरीर के हॉर्मोन जैसे इंसुलिन और मेलाटोनिन भी गड़बड़ा जाते हैं, जिससे शरीर का दिन–रात का सिस्टम बिगड़ता है और सुबह ज्यादा भूख लगने लगती है। इंफ्लेमेशन जब शरीर बार–बार ऐसे परेशान होता रहता है, तो इसके अंदर हल्का–हल्का इंफ्लेमेशन होने लगता है, जो कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत बन जाता है। न्यूट्रिएंट डेफिशिएंसी देर रात जब हमें भूख लगती है, तो ज्यादातर लोग जल्दी मिलने वाली चीजें खा लेते हैं जैसे चिप्स, मैगी, बिस्किट या मीठा। ये पेट तो भर देते हैं, लेकिन इनमें असली पौष्टिक तत्व नहीं होते। ऐसे में शरीर को जरूरी विटामिन–मिनरल नहीं मिलते और धीरे–धीरे शरीर अंदर से कमजोर होने लगता है। इसे ही न्यूट्रिएंट की कमी या कुपोषण कहते हैं। स्ट्रोक का खतरा देर से खाना खाने से स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है। जब हम देर रात खाते हैं, तो शरीर को खाना पचाने में दिक्कत होती है। इससे एसिडिटी बढ़ सकती है और शरीर का मेटाबॉलिज्म गड़बड़ा जाता है। ये सब मिलकर स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देते हैं। खराब डाइजेशन रात में मेटाबॉलिस्म धीमा हो जाता है। ऐसे में देर से खाया गया खाना पेट में लंबे समय तक रहता है और खाना ढंग से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है जिस वजह से अगले दिन सुस्ती भी लगती है। नींद की कमी लेट-नाइट डिनर से शरीर खाने को डाइजेस्ट करने में व्यस्त रहता है, जिससे शरीर को रिलैक्स होने और डीप स्लीप में जाने में समय लगता है। इसका असर नींद की क्वालिटी पर पड़ता है और नींद पूरी नहीं हो पाती है। सवाल- किनके लिए देर रात भोजन करना ज्यादा खतरनाक है? जवाब- देर रात खाना वैसे तो हर किसी के लिए नुकसानदायक है। छोटे बच्चों को छोड़कर क्योंकि वो ग्रोइंग स्टेज में होते हैं। लेकिन कुछ लोगों के लिए यह जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है। ग्राफिक से समझते हैं– सवाल- सोने से कितनी देर पहले भोजन करना चाहिए? जवाब- ज्यादातर एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि सोने से 3 से 4 घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए। जो लोग समय पर डिनर कर लेते हैं, उनके शरीर को खाने को पचाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। खाने और सोने के बीच थोड़ा अंतर रखने से एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं, एसिडिटी और खराब नींद का खतरा भी कम हो जाता है। सवाल- डिनर में क्या खाना चाहिए? जवाब- डिनर हल्का और पौष्टिक होना चाहिए, जिसे आसानी से पचाया जा सके। नीचे दिए पॉइंटर्स से समझते हैं कि हेल्दी डिनर ऑप्शन्स क्या क्या हैं। मिलेट रोटी और मौसमी सब्जी मिलेट रोटी के साथ ताजी मौसमी सब्जी (जैसे लौकी, टिंडा, पालक) एक संतुलित और फाइबर युक्त ऑप्शन है। खिचड़ी मूंग दाल की खिचड़ी पेट के लिए बहुत हल्की होती है। आप इसमें अलग अलग सब्जियां डालकर इसे और भी पौष्टिक बना सकते हैं। सूप और सलाद अगर आप वजन घटाने के बारे में सोच रहे हैं, तो सब्जियों का सूप और ताजा सलाद बेहतरीन ऑप्शन हैं। ओट्स या दलिया नमकीन या मीठा दलिया/ओट्स भी रात के खाने के लिए एक अच्छा, हल्का और स्वस्थ विकल्प है। सवाल- डिनर में क्या बिल्कुल नहीं खाना चाहिए? जवाब- धीमी पचने वाली, बहुत मसालेदार, बहुत फैटी या शुगर-लोडेड चीजें रात में सबसे ज्यादा दिक्कत करती हैं। ये गैस, ब्लोटिंग जैसी समस्या पैदा करती हैं और नींद पर भी असर डालती हैं। सवाल- लेट नाइट स्नैकिंग से कैसे बचें? जवाब- लेट-नाइट क्रेविंग अक्सर इस बात का संकेत होती है कि आपने दिन में पर्याप्त कैलोरी नहीं ली है। अगर दिनभर नियमित रूप से बैलेंस्ड डाइट लें, जिसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट शामिल हों, तो देर रात अचानक लगने वाली भूख से आसानी से बचा जा सकता है। सवाल- लेट नाइट क्रेविंग हो तो क्या खाएं? जवाब- मिडनाइट क्रेविंग होने पर ऐसे स्नैक्स चुनें, जो पेट भी भरें और नींद पर भारी भी न पड़ें। जैसेकि– ये सभी प्रोटीन और फाइबर की वजह से भूख को शांत करते हैं। कोशिश करें कि स्नैक 200 कैलोरी के अंदर रहे। ……………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए… जरूरत की खबर- जल्दबाजी में खड़े-खड़े खाते हैं खाना:तो हो सकते हैं ये 9 नुकसान, डाइटीशियन से जानें हेल्दी ईटिंग के 12 नियम आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास चैन से बैठकर खाना खाने तक का समय नहीं है। ऑफिस में जल्दबाजी में लंच ब्रेक, सड़क पर चलते-फिरते स्नैक्स या घर पर टीवी देखते हुए खड़े होकर नाश्ता करना, ये सब अब आम बात हो गई है। पूरी खबर पढ़िए…

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