जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में 45 वर्षीय किसान जितेंद्र सिंह राजपूत उर्फ जीतू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह ग्राम धरगुवां का निवासी था और पिछले काफी समय से उरई के गांधी नगर स्थित मोनी मंदिर के पीछे अपने परिवार के साथ रह रहा था। जितेंद्र खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात खाना खाने के बाद जितेंद्र अपने कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। सुबह जब वह कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया, जहां उसका शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है और परिजनों से भी पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। मृतक के भतीजे फूल सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले जितेंद्र की कार मुहम्मदाबाद के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस घटना के बाद परिवार में विवाद हुआ था, जिससे जितेंद्र तनाव में था। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया। जितेंद्र की मौत से उसकी पत्नी नीता और दोनों बच्चे सदमे में हैं। परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य होने के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालौन में किसान ने की आत्महत्या:कार दुर्घटना के बाद तनाव में था, मामले की जांच शुरू
📅 Published: November 26, 2025 |
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